पीलीभीत। जिले में शुक्रवार रात से शुरू हुई रही तेज बारिश शनिवार को भी थमते-थमते दिखी और कुल मिलाकर करीब 14 घंटे से बाद लगातार बरसात जारी रही। लगातार बारिश ने शहर व ग्रामीण दोनों हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
बारिश के चलते शहर की कई मुख्य सड़कें और मोहल्ले जलमग्न हो गए हैं। दोपहर दो बजे के बाद भी रुक-रुक कर बारिश बनी रही और नतीजा यह हुआ कि स्टेशन मार्ग, बाजार मार्ग, अशोक कॉलोनी और सुनगढ़ी सहित कई इलाकों में जलभराव हुआ।
जलस्तर व निकासी प्रभावित
नालों और नालियों का उफान व कई जगह चोक होने के कारण पानी की निकासी ठहर गई। कई गलियां और संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं और लोग कई स्थानों पर घुटनों तक पानी में चलकर आने-जाने को मजबूर हैं। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की मुश्किल सबसे अधिक बढ़ी है।
अधिकारियों ने बताया कि शारदा नदी में 3.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बरखेड़ा से लेकर पूरनपुर तक के गांवों में जलभराव साफ देखा जा रहा है। बरखेड़ा, बीसलपुर, पूरनपुर, हजारा, मझोला और उमरिया क्षेत्र के तमाम गाँव प्रभावित रहे।
ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर रास्ते जलमग्न होने से आवागमन बाधित हो गया है। खेतों में पानी भरने से किसानों में चिंता है और कई स्थानों से फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचनाएँ मिली हैं। किसानों का कहना है कि यदि पानी लंबे समय तक खड़ा रहा तो फसलें बर्बाद हो सकती हैं।
स्थानीय प्रशासन व पानी निकासी विभाग को सक्रिय रहने के लिए कहा जा रहा है ताकि नालों की सफाई कर पानी की निकासी सुनिश्चित की जा सके। प्रभावित लोगों से कहा जा रहा है कि नदी किनारे न जाएं और ऊँचे स्थानों पर सुरक्षित रहें। आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत व बचाव कार्य तेज किए जाने की सम्भावना है।
स्रोत: अमर उजाला
