पूरनपुर। नेपाली हाथियों के एक झुंड ने हरीपुर जंगल में दो दिन डेरा डाला था। शनिवार शाम को ये हाथी जंगल से निकलकर चंदिया हजारा के समीप के खेतों में पहुंच गए और कुछ ही समय में फसल तबाह कर दी।
हाथियों की हरकत और नुकसान
हाथियों ने पांच किसानों के खेतों में जाकर गन्ना और केले की फसल रौंद दी। जंगल के कंपार्टमेंट 76 में डेरा डाले इस झुंड की टीम निगरानी कर रही थी। पहले दिन हाथी नजीरगंज की ओर चले गए थे, जबकि शनिवार शाम वे चंदिया हजारा के पास बैठे खेतों तक पहुंच गए।
किसानों ने ढोल और कनस्तर लेकर हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन हाथियों की चिंघाड़ से लोग आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। भारी शोर-शराबा करने पर करीब दो घंटे बाद हाथियों ने वापस हरीपुर जंगल की ओर रुख किया।
निम्नलिखित किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हुई:
- रविंद्रनाथ सरकार, गन्ना और केला
- मनोरंजन, गन्ना (खेत में बने मचान तहस-नहस)
- सुखरंजन, गन्ना
- प्रेमल अधिकारी, गन्ना
- प्रकाश मंडल, गन्ना
रविंद्रनाथ सरकार व मनोरंजन के खेतों में बने मचान को हाथियों ने तोड़ दिया। कई ग्रामीण और किसानों ने खेतों से थोड़ी दूरी पर ढोल बजाकर व शोर कर के हाथियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कोई भी उनके पास जाकर रोक नहीं पाया।
आगे की कार्रवाई
हाथियों के लौटने के बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीमों द्वारा निगरानी बढ़ा दी गई है। अभी तक किसी के चोटिल होने की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय ग्रामीणों को सावधानी बरतने और खेतों में रात में अनावश्यक नहीं रहने की सलाह दी जा रही है।
आगे की प्रकिया के तहत वन विभाग के पैक व निगरानी दल हरीपुर जंगल के आस-पास चक्कर लगा रहे हैं ताकि हाथियों के फिर से बाहर निकलने की स्थिति पर नजर रखी जा सके।
स्रोत: अमर उजाला

