पीलीभीत। उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर पूर्व भाजपा सांसद वरुण गांधी का नाम गर्मा गया है। खबरों में कहा जा रहा है कि 16 अक्टूबर 2026 को होने वाले प्रदेश के 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में उन्हें पार्टी उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में पीलीभीत से टिकट कटने के बाद से वरुण गांधी सक्रिय चुनावी राजनीति से दूर थे। अब उनकी वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं और चर्चा है कि भाजपा उनके नाम पर विचार कर रही है।
मुलाकात और सोशल मीडिया पोस्ट
इस चर्चा में सबसे ज्यादा जोर मार्च 2026 की एक मुलाकात को दिया जा रहा है। वरुण गांधी ने मार्च 17, 2026 को अपनी पत्नी यामिनी और बेटी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उसके बाद तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा था,
“परिवार सहित श्रद्धेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन पाने का सौभाग्य मिला।
आपके आभामंडल में अद्भुत पितृवत स्नेह और संरक्षण का भाव है।
आपसे हुई भेंट इस विश्वास को और भी दृढ़ बना देती है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक… ”
मुलाकात के कुछ माह बाद, सितंबर 17, 2026 को वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर भी सोशल मीडिया पोस्ट किया और लिखा,
“राष्ट्र की सेवा में समर्पित एक जीवन। हम सबकी कृतज्ञता व्यक्त करने का एक दिन।”
राजनीतिक पण्डितों का कहना है कि मुलाकात और बाद के बधाई संदेश ने भाजपा आलाकमान के साथ फिर से सम्बद्ध होने के संकेत दिए हैं। हालांकि पार्टी की आधिकारिक उम्मीदवार सूची घोषित होने तक कुछ भी तय नहीं माना जा सकता।
स्थानीय प्रभाव की बात करें तो पीलीभीत के राजनीतिक माहौल में वरुण गांधी के नाम की चर्चा से सियासी हलचल बढ़ी है। उनके समर्थक इसे सकारात्मक संकेत मान रहे हैं, जबकि विरोधी सधी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
आगे क्या होगा
अब देखने वाली बात यह है कि भाजपा की आधिकारिक राज्यसभा उम्मीदवार सूची में वरुण गांधी का नाम आता है या नहीं। अगर उनका नाम अंतिम सूची में शामिल हुआ, तो यह 2024 के लोकसभा टिकट कटने के बाद उनकी संसद में वापसी का मार्ग खोल सकता है। अन्यथा वे फिर से सक्रिय चुनावी राजनीति से दूर ही रहेंगे।
स्रोत: News18

