प्रतापगढ़। प्रशासन के निर्देश पर रोडवेज ने प्रतापगढ़ डिपो के 53 आउटसोर्सिंग पर तैनात परिचालकों की तैनाती संविदा पर कर दी है। यह फैसला उन्हें लंबे समय से परेशानी देते रहे पेमेंट के मसले का समाधान माना जा रहा है।
नए आदेश के बाद परिचालकों की एजेंसी से संबद्धता समाप्त कर दी गई है और अब निगम सीधे उनका वेतन देगा। इससे परिचालकों को समय पर मिलने वाली रकम और शर्तों में स्थिरता आएगी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष ने इस निर्णय पर खुशी जताई।
मानदेय में वृद्धि
रोडवेज एआरएम सत्य प्रकाश ने तैनाती और भुगतान दर के बारे में कहा, “अबतक परिचालकों को एजेंसी एक रुपये 75 पैसे प्रति किमी के दर से मानदेय देती थी, संविदा पर तैनाती होने के कारण परिचालकों को अब दो रुपये 18 पैसे किमी बस पर चलने पर मानदेय मिलेगा।” इससे रोजाना और मासिक आमदनी पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।
कई परिचालक वर्षों से आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिए काम कर रहे थे और अक्सर समय पर मानदेय नहीं मिलने की शिकायत करते रहे। अब एजेंसी से संबद्धता खत्म होने पर भुगतान में पारदर्शिता और समयपालन की संभावना बढ़ेगी।
रोडवेज कर्मचारी रत्नाकर त्रिपाठी, चंद्रकुमार सिंह, रामेश्वर प्रसाद शर्मा, शिवाकांत मिश्र, संतोष सिंह, राकेश सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने भी यह निर्णय स्वागतयोग्य बताया और कहा कि इससे उनके साथ काम कर रहे परिचालकों को मनोबल मिलेगा।
प्रतापगढ़ में परिचालकों और उनके परिवारों को अब आर्थिक स्थिरता की उम्मीद है। संबंधित अधिकारी अगले कुछ दिनों में संविदात्मक रिपोर्ट और वेतन भुगतान प्रकिया की जानकारी डिपो स्तर पर साझा करेंगे। प्रभावित परिचालकों को आगे की औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्रोत: अमर उजाला

