प्रतापगढ़। जिले में दो दिनों से लगातार बारिश से दैनिक कारोबार प्रभावित हुआ है। बाज़ारों में दुकानदार देर तक ग्राहकों का इंतजार करते रहे, मगर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
सब्जी और परचून की दुकानें सबसे ज्यादा प्रभावित
व्यापारियों ने बताया कि सबसे अधिक असर सब्जी और परचून की दुकानों पर पड़ा है। दुकानदार रमेशचंद्र, हाजी रहमान, राजकुमार केसरवानी और सुहेल अहमद ने कहा कि बृहस्पतिवार से बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही। त्योहारी सीजन होने के बावजूद दिनभर में एक भी ग्राहक नहीं आया। तापमान में गिरावट ने आम लोगों को सर्दी का एहसास करवा दिया है।
बाजार और ग्रामीण उनकी स्थिति
कई इलाकों में पानी जमा होने से निचले स्तर वाले मोहल्लों और खेतों में जलभराव देखा गया है। इससे तिलहन, दलहन और सब्जियों की खेती को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं कुछ किसानों का कहना है कि बारिश ने उगे हुए धान को नया जीवन दे दिया।
किसान रामदीन, सुरेश, महेश्वर, सुखराम, मोहम्मद कमाल और राशिद अली ने कहा कि फसल पर मिली मिली परिस्थितियाँ हैं; कहीं लाभ तो कहीं चिंता। मिट्टी गीली होने के कारण कुछ जगहों पर फसल में नमी बनी हुई है, जिससे रोग-कीट भी पनपने का खतरा बढ़ सकता है।
किसानों के हाल और आगे की राह
करनाईपुर में तेज हवा के साथ बारिश ने तैयार कटाई के क़रीब धान की फसल को गिरा दिया। इससे उन खेतों में अतिरिक्त काम और लागत बढ़ जाएगी। स्थानीय कृषि अधिकारियों से जुड़े सुरक्षा उपाय और जल निकासी के इंतज़ाम करने की बात आगे बढ़ सकती है।
बाज़ार में दुकानें खोलने वाले और खेतों में काम करने वाले लोगों को फिलहाल बरसात के मौसम के हिसाब से सतर्क रहने की जरूरत है। जिन इलाकों में जलभराव है, वहां अभिभावक और किसान फसलों को बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर सकेंगे।
स्रोत: अमर उजाला

