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प्रतापगढ़: दूसरे दिन भी एएनएम-आशा-सीएचओ हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएं बाधित

हड़ताल के कारण टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच और सर्वे का काम रूका हुआ है; कर्मचारी सीएचसी में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंप रहे हैं।

प्रतापगढ़: दूसरे दिन भी एएनएम-आशा-सीएचओ हड़ताल, स्वास्थ्य सेवाएं बाधित
फोटो: अमर उजाला

प्रतापगढ़। मानदेय वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर जिले की संविदा एएनएम, आशा कार्यकर्ता और सीएचओ की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। ग्रामीण इलाकों की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं इससे प्रभावित रहीं और मरीजों को परेशानी हुई।

हड़ताल के कारण टीकाकरण का कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और स्वास्थ्य सर्वे का काम ठप रहा। कार्यकर्ता अपने‑अपने सीएचसी में जमा होकर प्रदर्शन कर रहे हैं और सीएचसी अधीक्षक को ज्ञापन सौंप रहे हैं।

मांगें और विरोध

कर्मचारियों ने कहा कि वे लंबे समय से मानदेय बढाने और उसे नियमित किए जाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान कम मानदेय के साथ काम चलाना मुश्किल हो गया है जबकि महंगाई चरम पर है। आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि फरवरी में मुख्यमंत्री द्वारा मानदेय वृद्धि की घोषणा हुई थी, पर अब तक उसका लाभ नहीं मिला।

आशा संघ की जिलाध्यक्ष सुमन मिश्र ने कहा, “जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी।” प्रदर्शन में मिथिलेश तिवारी, आशा देवी गौड़, केश कुमारी और मनीषा भी मौजूद रहीं।

डिप्टी सीएमओ डॉ. एस हैदर ने कहा, “शासन को मांगों से अवगत कराया है।” उन्होंने प्रशासन की ओर से मामले को उच्च स्तर पर उठाने की बात कही, लेकिन लागू करने की समयसीमा नहीं बताई गई।

हड़ताल का असर ग्रामीणों पर भी दिखा। जिन मरीजों को सीएचसी और पीएचसी पर आकर सेवाएं मिलती थीं, उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ा। कई लोग दूर‑दराज से आने के बाद वापस लौट गए या निजी इलाज की ओर मजबूर हुए।

आगे क्या होगा

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि मांगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया है। जिले के लोगों से कहा गया है कि जरूरी इलाज के लिए नज़दीकी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज से संपर्क करें।

स्रोत: अमर उजाला

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Vikas Kumar

Vikas Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।