प्रतापगढ़। आहर-बीहर के रहने वाले 25 वर्षीय कुलदीप दुबे की लखनऊ मेडिकल कॉलेज में रविवार की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि शुरुआती इलाज में एंटी रेबीज इंजेक्शन न मिलने से हालत बिगड़ गई।
परिवार के मुताबिक कुलदीप उदयपुर थाना क्षेत्र के आहर-बीहर गांव का रहने वाला है। तीन सितंबर को वह मवेशी चराने गया था तभी पागल कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। भागते समय वह गिट्टी के ढेर से टकरा गया और कुत्तों ने पहले उसके पैर पर हमला किया और फिर जबड़े को नोचा।
प्राथमिक इलाज और रेफर
ग्रामीणों ने लाठी फटकार कर कुत्तों को भागाया और परिजन उसे तत्काल सीएचसी सांगीपुर लेकर गए। परिजनों का कहना है कि सीएचसी पर एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध न होने की वजह से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजन सीधे मेडिकल कॉलेज न जाकर एम्स रायबरेली ले गए।
एम्स में भी उपचार के बाद जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो चिकित्सकों ने उसे लखनऊ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रविवार की रात लखनऊ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान कुलदीप की मौत हुई। सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
परिवार ने बताया कि मृतक दो भाइयों में छोटा था। लखनऊ में हुई मौत के बाद परिजन उसका शव लेकर लौटे और सोमवार को श्रृंग्वेरपुर में अंतिम संस्कार किया गया।
आगे क्या होगा
परिजन CHC पर इंजेक्शन न होने का आरोप लगा रहे हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी यह अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोग और गांववाले घटना से चिंतित हैं और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

