रायबरेली। पूरे बाबा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव निवासी विकास (22) की अमरोहा जिले में हुई मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने रविवार को हंगामा किया और शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजन चाहते थे कि उनकी मांग पर एफआईआर दर्ज कर मामले की सच्चाई सामने लाई जाए।
शव रविवार सुबह करीब 10 बजे घर पहुंचा। पिता ने आरोप लगाए कि उनके बेटे की हत्या की गई है और करीब पांच घंटे तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिया और तीन बजे के आसपास हालात शांत कराए गए।
घटना का सिलसिला और पुलिस प्रतिक्रिया
पुलिस का कहना है कि अमरोहा में सड़क हादसे में विकास की जान गई। सीओ डलमऊ गिरिजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि अमरोहा पुलिस को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया गया है और अमरोहा पुलिस मामले की जांच करेगी। परिजन इस निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पता चला है कि विकास 15 दिन पहले बाइक से नोएडा साथियों के पास गया था। शुक्रवार को वह बाइक से साथियों के साथ लखनऊ हाईकोर्ट भी गया था। वापस नोएडा जाते समय अमरोहा में संदिग्ध हालात में उसकी मौत हो गई। पिता का कहना है कि करीबियों ने उनके बेटे की हत्या कराई है।
विकास किसान थे और बचपन में ही उनकी मां भगौती देवी की मृत्यु हो गई थी। वह अपने बाबा वीरेंद्र कुमार के साथ पैतृक गांव पूरे चांदन मजरे सवैया राजे में रहते थे, जबकि पिता उनकी सौतेली मां उर्मिला के साथ पूरे बाबा गांव में रहते हैं।
बाबा ने कहा, मौत की सामने आनी चाहिए सच्चाई. परिवार ने यह भी बताया कि उनके नाम नौ बीघा जमीन थी, जिनमें से करीब पांच बीघा औद्योगिक कॉरिडोर के लिए अधिगृहीत हो चुकी है और मुआवजा करीब डेढ़ करोड़ रुपये मिलने वाला है। कुछ दिन पहले विकास ने एक बीघा जमीन करीब 18 लाख रुपये में बेची थी।
गांव में लोगों में चर्चा है कि पैसों की खातिर हत्या कराई गई होगी। साथ ही यह भी जानकारी मिली कि एक करीबी रिश्तेदार के घर की युवती ने विकास के खिलाफ शादी का झांसा देकर यौनशोषण करने की एफआईआर गदागंज थाने में दर्ज कराई थी और इसी मामले में विकास राहत पाने के लिए हाईकोर्ट गए थे। अब परिजन अमरोहा पुलिस से न्याय व सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

