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रायबरेली: सपा सांसद बोले, राहुल गांधी सीट छोड़ने को तैयार थे, अखिलेश ने मनाया

प्रतापगढ़ के सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने कहा कि कांग्रेस को विधानसभा में 50 सीटों से ज्यादा मांगना नहीं चाहिए और उन्हें संतोष करना चाहिए।

रायबरेली: सपा सांसद बोले, राहुल गांधी सीट छोड़ने को तैयार थे, अखिलेश ने मनाया
फोटो: ABP न्यूज़

रायबरेली। प्रतापगढ़ से सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि “सपा से गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में एक भी सीट नहीं जीत पाती।”

पटेल ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ने को लेकर अनिच्छुक थे। उन्होंने कहा, “स्थिति ऐसी बन गई थी कि राहुल गांधी अपनी सीट छोड़ने को तैयार थे.” पटेल ने जोड़ा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें भरोसा दिलाया और चुनाव लड़ने के लिए मनाया।

सीटों और जीत के आंकड़े

सपा सांसद के अनुसार सपा ने कांग्रेस को पूरा समर्थन दिया और जिस वजह से कांग्रेस को कुछ सीटें मिलीं। उन्होंने कहा, “जहां-जहां कांग्रेस को सीट दी गईं, वहां समाजवादी पार्टी का एक-एक वोट उसे मिला/ इसी वजह से वह छह सीट जीत पाई.”

पटेल ने यह भी कहा, “हमने 37 सीट हासिल कीं और वह छह सीट जीते. हम हर लिहाज से कांग्रेस से बहुत आगे हैं. उन्हें विधानसभा चुनाव में 50 से ज्यादा सीट नहीं मांगनी चाहिए और इतने में ही संतुष्ट रहना चाहिए.” वे राज्य के 2024 लोकसभा नतीजों का भी जिक्र कर रहे थे जिसमें 80 सीटों में सपा 37 और कांग्रेस 6 सीटों पर सफल रही थीं, भाजपा 33 और राजग को कुल 36 सीटें मिली थीं।

वर्तमान में 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा के 101 और कांग्रेस के दो विधायक हैं। पटेल ने कांग्रेस के हालिया संगठनात्मक बदलाव और अध्यक्ष-पद को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे लाभ नहीं होगा और सामाजिक समीकरणों पर यह असर नहीं डालेगा।

इमरान मसूद पर उठाए गए सवालों में पटेल ने कहा, “उन्होंने उत्तर प्रदेश में जो छह सीट जीतीं, वे वास्तव में हमारी समाजवादी पार्टी की वजह से जीतीं इसलिए वे बेवजह इमरान मसूद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं.” उन्होंने कहा कि यह केवल वोट की राजनीति और दबाव बनाने का तरीका है।

प्रतिक्रिया और आगे का असर

पटेल के बयान पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने प्रतिक्रिया दी और कहा, “समाजवादी पार्टी को ऐसे नेताओं पर लगाम लगाने के लिए काम करना चाहिए जो इस तरह के बयान देते हैं.” अवस्थी ने कहा कि ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।

स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य में इन टिप्पणियों से गठबंधन की बातचीत और सीटों के बंटवारे पर तकरार की संभावित बहस बढ़ सकती है। चुनाव से पहले गठबंधन के भीतर आरोप-प्रत्यारोप और सार्वजनिक बयान आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।

स्रोत: ABP न्यूज़

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Vikas Kumar

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कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।