रायबरेली। सलोन और ऊंचाहार में लेखपालों ने लंबित मांगों को लेकर शनिवार को प्रदर्शन किया और उप जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। दोनों स्थानों पर उन्होंने संबंधित प्रशासन से जल्द निस्तारण की मांग पर जोर दिया।
सलोन में हुए प्रदर्शन में लेखपालों ने आठ सूत्री मांगें रखीं। ज्ञापन में दस वर्षों से पड़ी 2,800 ग्रेड की वेतन विसंगति दूर करने की विशेष बात कही गई है। साथ ही आठ वर्षों से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह भी रखा गया।
मुख्य माँगे और विवरण
प्रदर्शनकारियों ने चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी कर पदोन्नति समिति की बैठक बुलाने की मांग की। उन्होंने चयन वर्ष 2024 के विभागीय परीक्षा परिणाम घोषित कर नव नियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण कराने का भी अनुरोध रखा।
- दस वर्षों से लंबित 2,800 ग्रेड वेतन विसंगति का निस्तारण
- आठ वर्षों से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करना
- चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी कर समिति की बैठक कराना
- विभागीय परीक्षा परिणाम घोषित कर नव नियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण
ऊंचाहार में लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना दिया और कार्य बहिष्कार भी किया। लेखपाल संघ के अध्यक्ष कुलदीप सिंह तथा महामन्त्री बद्रीनाथ त्रिपाठी ने प्रशासन पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। मौके पर बद्रीनाथ त्रिपाठी, अज तिवारी, अरविंद कुमार, सचिन पटेल, संजय प्रताप सिंह, ओम प्रकाश मिश्रा और अभिषेक यादव मौजूद रहे।
स्थानीय लोग और देख रहे कर्मचारी दोनों ही स्थिरता चाहते हैं क्योंकि लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति से पारिवारिक और आर्थिक परेशानियाँ बढ़ी हैं। प्रशासन से जल्द कार्रवाई न होने पर लेखपाल आगे बड़े आंदोलन का संकेत दे सकते हैं।
लेखपालों ने कहा कि यदि उनकी माँगें समय पर न मानी गईं तो वे और संगठित होकर जिला स्तर पर अघोषित हड़ताल या पथ प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रशासन द्वारा ज्ञापन पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर निगरानी रखें।
स्रोत: अमर उजाला

