रायबरेली। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की प्रयोगशाला जांच में पनीर, अचार और दूध समेत सात खाद्य पदार्थ गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जांच में सलोन में अंकुर सिंह की दुकान से लिए गए पनीर का नमूना असुरक्षित और अवमानक पाया गया। साथ ही स्वेतधारा, जगतपुर और महराजगंज में जितेंद्र मौर्या की दुकान से भरे दूध के तीन नमूने और भटनोसा डेयरी, सलोन से भरे एक दूध के नमूने भी अवमानक मिले।
फेल हुए अन्य नमूने
खीरों में रामप्रकाश की दुकान से भरे बूंदी लड्डू का नमूना भी जांच में फेल रहा। हरचंदपुर में भरे ज्ञान मसाला के सब्जी मसाला का नमूना तथा भूएमऊ के अनमोल संगम अचार से निकला आम का अचार भी गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा। कुल मिलाकर सात नमूने अवमानक घोषित किए गए हैं।
प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य कारोबारियों को नोटिस भेजकर उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि कारोबारियों से जवाब मांगा गया है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट व जवाबों के आधार पर तय की जाएगी।
मानिक चंद्र सिंह ने कहा कि पनीर के विक्रेता के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। शेष फेल पाए गए कारोबारियों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में मिलने वाले कुछ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर संदेह था, अब अधिकारियों की कार्रवाई से उन्हें थोड़ी राहत मिली है। एफएसडीए की और जांचों का इंतजार है ताकि यह पता चल सके कि अन्य दुकानों के कौन से नमूने भी अवमानक हैं।
आगे क्या होगा: जवाब मिलने के बाद विभाग आवश्यक कानूनी कदम उठाएगा और यदि जरूरत पड़ी तो बाकी दुकानों से भी नमूने लेकर जांच कराई जाएगी। उपभोक्ता सतर्क रहें और संदिग्ध खाद्य पदार्थ खरीदकर प्रयोगशाला को सूचित कर सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

