धनघटा। रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण और कुआनो नदी पर बने जर्जर बसवारी-सिकरीगंज पुल की मरम्मत के काम के चलते आवागमन रोक दिए जाने से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। घाट पर बंद रास्ते को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बसवारी गांव से सिकरीगंज की दूरी महज एक किलोमीटर है, लेकिन पुल बंद होने के कारण अब उन्हें करीब 30 किलोमीटर दूर से होकर आना जाना पड़ रहा है। विरोध का कारण यही था कि रोजमर्रा की जरूरतें और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
प्रदर्शन और इंजीनियर की मौजूदगी
ग्रामीणों का कहना था कि पिछले दो महीनों से धीरे-धीरे वाहनों का प्रवेश वर्जित किया जा रहा था, जिससे धैर्य जवाब दे गया। प्रदर्शन में महिलाओं और बुजुर्गों ने भी हिस्सा लिया। भीड़ को देखकर सेतु निगम का इंजीनियर मौके पर पहुंचा और फिलहाल पुल का रास्ता खोलवाया गया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि पुल बंद होने से एंबुलेंस और निजी वाहन समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरम्मत शुरू करने से पहले वैकल्पिक रास्ता बना दिया जाना चाहिए था, तब यह परेशानी नहीं होती।
यह पुल गोरखपुर और संत कबीर नगर जनपद को जोड़ता है और इस मार्ग के बंद होने से दोनों तरफ के कई गांवों का सारा यातायात प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर ठोस व्यवस्था न बनी तो फिर से सड़क पर उतरेंगे।
अब क्या होगा
मौके पर पहुंचे सेतु निगम के इंजीनियर ने जनहित को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है और कहा गया है कि शीघ्र ही मरम्मत से पहले वैकल्पिक मार्ग तथा आवश्यक व्यवस्थाएँ तैयार की जाएंगी। फिलहाल रास्ता खुल जाने से कुछ राहत मिल गई है, पर स्थानीय लोग स्थायी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

