संतकीरनगर। अप्रैल में जिले का मौसम लगातार बदलता रहा और मार्च के आखिरी सप्ताह से ही अस्थिरता बनी हुई है। 10 दिनों के अंदर यहां तीन बार बादल छाए और जगह‑जगह बूंदाबांदी हुई, जिससे लोगों को ठंड का अहसास रहा।
मौसम के असर और आंकड़े
कुमारगंज अयोध्या के मौसम वैज्ञानिक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ था। यही वजह रही कि मौसम में तेज उतार‑चढ़ाव दिखाई दिया। सात अप्रैल की रात को मौसम बदला और कहीं हल्की तो कहीं बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में सात डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई।
इस दौरान कुल मिलाकर तीन बार मौसम बदलने से बृहस्पतिवार तक इलाके में ठंड की लहर महसूस की गई। हालांकि बृहस्पतिवार की सुबह से तेज धूप निकली और लोगों को कुछ राहत मिली। उसी दिन अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम साफ रहने की संभावना है।
किसानों पर असर
बारिश और बूंदाबांदी का सीधा असर खेतों पर पड़ा। इस समय जिले में गेहूं की कटाई और मड़ाई चल रही है। कई किसानों ने गेहूं की कटाई कर फसल खेत में ही छोड़ दी थी, जो बूंदाबांदी के कारण नम हो गई। इससे किसान चिंतित हैं और मड़ाई में देरी से उनकी फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का जोखिम बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि मौसम के ऐसे बदलने से रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हुए। कुछ इलाकों में लोग सुबह‑सुबह ठंड महसूस कर रहे थे, जबकि दोपहर में तेज धूप आने से तापमान में अचानक बढ़ोतरी हुई।
मौसम विभाग ने फिलहाल अगले कुछ दिनों के लिए मौसम साफ रहने का अनुमान जताया है, लेकिन किसानों को कटाई‑मड़ाई में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

