शामली। कांधला ब्लॉक के मखमूलपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर दो की शिक्षिका पूनम तोमर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महिला आयोग से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि साइबर उत्पीड़न के मामले में दो माह बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
पूनम ने बताया कि पिछले वर्ष 2025 में जनपद शामली के शिक्षकों का एक समूह शैक्षिक भ्रमण के लिए गोवा गया था। भ्रमण के दौरान हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम का वीडियो दो माह पहले शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया गया था, जिसके बाद कुछ लोगों ने उन पर अभद्र टिप्पणियां कीं। पूनम ने वह वीडियो और एक पोस्ट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी साझा की।
शिकायत और कार्रवाई का दावा
शिक्षिका ने कहा कि उन्होंने 29 जुलाई को शिक्षा विभाग और पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने उनके सभी दिए साक्ष्यों के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया है कि साइबर पुलिस द्वारा उन्हें मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है और धमकियां मिल रही हैं।
पूनम ने यह भी कहा कि पुलिस ने उन्हें अपने कार्यालय में कई घंटे बैठाया और चक्कर कटवाए। उनका कहना है कि पुलिस की बेरुखी के कारण उन्हें शिक्षकों के समूह में हो रहे चरित्र हनन और साइबर उत्पीड़न को सहन करना पड़ रहा है और उन्हें आशंका है कि उनकी सुरक्षा खतरे में है।
पुलिस का रुख
पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विशाखा समिति के अनुरूप गठित आंतरिक शिकायत समिति को जांच सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि उसी समिति से जांच के बाद आगे का कॉलानुकरण किया जाएगा।
स्थानीय लोगों और शिक्षकों में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रभावित शिक्षिका ने उच्च अधिकारियों और महिला संरक्षण संस्थाओं से त्वरित जांच और सुरक्षा की मांग की है। आगे की प्रक्रिया में यदि आंतरिक समिति शिकायत को गंभीर पाएगी तो आगे की कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज होने की संभावना बनेगी।
स्रोत: अमर उजाला

