रामपुर मथुरा। शनिवार को बाढ़ के पानी में डूबने से दो अलग-अलग जगहों पर कुल चार लोगों की मौत हो गई। मामले रामपुर मथुरा थानाक्षेत्र और सदरपुर थानाक्षेत्र में सामने आए हैं।
सरैंया मसूदपुर निवासी सुरेंद्र (40) शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अपने पुत्र सौरभ (13) और भतीजे शोभित (17) के साथ खेत से लौट रहे थे। वे उस संपर्क मार्ग पर बनी पुलिया के पास पहुंचे जहाँ चौका नदी का पानी उफना हुआ था। इसी दौरान सौरभ का पैर फिसला और वह नाले में गिर गया।
तीनों की तबाही एक साथ
बेटे को बचाने के लिए सुरेंद्र पानी में उतरे और दोनों को बचाने के प्रयास में भतीजा शोभित भी गहरे पानी में चला गया। आसपास के ग्रामीणों ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की। एडीएम आयुष चौधरी, एसडीएम महमूदाबाद अभिषेक प्रियदर्शी और प्रभारी निरीक्षक मुकेश वर्मा सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचे।
काफी कोशिश के बाद ग्रामीणों और गोताखोरों ने तीनों को पानी से बाहर निकाल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर मथुरा ले जाया। वहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सदरपुर में मासूम की मौत
वहीं सदरपुर थानाक्षेत्र के बसुदहा गांव में सजीम खां का दो वर्षीय बेटा शाहनूर शनिवार सुबह लगभग 9:30 बजे घर से बाहर खेलते-खेलते निकल गया। सड़क पर भरे बाढ़ के पानी में वह गिर गया और डूब गया। मां सूफिया की आवाज सुनकर आसपास के लोगों ने बच्चे को निकाला, लेकिन तब तक वह ज़िंदा नहीं था।
शाहनूर का पिता सजीम मुंबई में मजदूरी करता है। सजीम ने फोन पर अपने बेटे के शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया है। पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा, पूर्व विधायक सेवता महेंद्र सिंह झीन बाबू और पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रेम सागर मौर्य गांव पहुंचकर परिजनों का ढांढस बंधाया।
एसडीएम महमूदाबाद अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। साथ ही दैवीय आपदा के तहत नियमों के अनुसार मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। स्थानीय लोग बाढ़ को लेकर सतर्क रहने का आह्वान कर रहे हैं और प्रशासन ने बचाव‑कदम तेज कर दिए हैं।
स्रोत: अमर उजाला

