सीतापुर। जिले के सरकारी अस्पतालों में अब चिकित्सकों को मरीजों के परचे पर दवाइयों के नाम स्पष्ट और कैपिटल लेटर में लिखने होंगे। यह निर्देश जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को जारी किए हैं।
जिलाधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी ने करीब दो माह पहले जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एक मरीज के परचे में लिखी दवाओं की जांच की, जहां मरीज पेट दर्द व ऐंठन की शिकायत लेकर आया था लेकिन परचे की दवा देखकर बुखार की गंभीर गलती सामने आई।
निरीक्षण में सामने आई समस्या
सीडीओ स्टोर रूम जाकर दवाओं की जानकारी लेने पर पता चला कि चिकित्सकों की अस्पष्ट लिखावट के कारण दवाओं के नाम समझने में दिक्कत आ रही थी। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि इसी वजह से परचों को पढ़कर सही दवा देना कठिन हो जाता था। बाद में मरीज की दवा बदलवानी पड़ी।
जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर भी जिले के सीएचसी और पीएचसी का औचक निरीक्षण कर रहे हैं और निरीक्षण के दौरान उन्हें भी कई बार परचों पर लिखी दवाओं के नाम पहचानने में परेशानी हुई। इसे गंभीर कर देखते हुए उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए।
सीएमओ डॉ. सुखरंजन समद्दर को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि चिकित्सक परचे पर दवाओं के नाम स्पष्ट रूप से और कैपिटल लेटर में लिखें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इससे मरीजों को दी गई दवा की जानकारी आसानी से मिल सकेगी और दवा वितरण में होने वाली किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति कम होगी।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश दे दिए हैं। अस्पतालों में स्टाफ को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और पालन की निगरानी की जाएगी।
स्थानीय मरीजों और परिजनों को अब अपने परचों में दवाओं के नाम कैपिटल में लिखे जाने पर ध्यान देना होगा ताकि दवा लेने और पहचानने में और गलतियों से बचा जा सके। भविष्य में निरीक्षणों के दौरान व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
स्रोत: अमर उजाला

