सीतापुर। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं से जिले की बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही और 2200 से अधिक गांवों में बिजली गुल रही। पेड़ और पोल गिरने, तार टूटने, जंपर उड़ने, इंसुलेटर दगने और केबल फुंकने के कारण कई उपकेंद्रों के फीडर बंद हो गए।
कहां-कहां प्रभावित
रामपुर मथुरा उपकेंद्र से जुड़े सभी फीडरों की आपूर्ति तेज हवा और बारिश के कारण ठप हो गई, जिससे करीब 500 गांवों के उपभोक्ता प्रभावित हुए। कस्बे में बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे से बिजली बंद रही। तुतुहीपुर के पास पेड़ गिरने और कई जगह पेड़ लाइनों पर झुकने से फॉल्ट आया।
महोली उपखंड के सभी फीडर भी बृहस्पतिवार रात 12 बजे से बंद हो गए। इसके कारण करीब 250 गांवों की लगभग चार लाख आबादी प्रभावित हुई। महोली नगर व तहसील क्षेत्र की करीब 35 हजार आबादी को भी करीब 15 घंटे बिजली संकट सहना पड़ा और शुक्रवार दोपहर तीन बजे आपूर्ति बहाल की जा सकी।
रेउसा के बभनेवा उपकेंद्र से जुड़े करीब 500 गांवों में शुक्रवार सुबह चार बजे बिजली बंद हो गई। यहां तीन जगह पोल गिरने और मुख्य लाइन में फॉल्ट आने से देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। पिसावां, नैमिषारण्य, सरवा, महमूदाबाद, लहरपुर, तंबौर, इमलिया सुल्तानपुर, मिश्रिख और रामकोट के करीब एक हजार गांवों में भी बृहस्पतिवार रात से बिजली आपूर्ति बाधित रही।
बिजली विभाग की टीमों ने फॉल्ट तलाशने और मरम्मत का काम तेज किया, लेकिन बारिश और तेज हवा में काम में दिक्कत आ रही थी। अवर अभियंता रंजीत कुमार ने बताया कि बारिश बंद होने के बाद लाईन की जांच कर आपूर्ति बहाल की जाएगी। जेई रामचंद्र ने कहा कि 33 केवी लाइन का इंसुलेटर खराब होने से आपूर्ति बाधित हुई थी।
स्थानीय लोग रोजमर्रा के काम और पानी-पकाने में परेशान दिखे। कई छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठान और किराना दुकानों को भी नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि ठंडी-रोक और पंखे नहीं चल पाए।
आगे क्या होगा
बिजली विभाग ने फॉल्ट रिपोर्ट के आधार पर राहत और मरम्मत के लिए दल तैनात कर दिए हैं। विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि वह टूटे तारों या गिरे पोल के पास न जाएं और किसी भी आपात स्थिति की सूचना विभाग को दें ताकि काम तेज किया जा सके।
स्रोत: अमर उजाला

