बीजपुर। जीवित्पुत्रिका व्रत पर शनिवार को क्षेत्र की महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर पुत्रों की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के दौरान महिला श्रद्धालु भक्ति-भाव में दिखीं और मंदिरों में आरती व भजन हुए।
महिलाएं फल, फूल, पकवान और अन्य पूजन सामग्री डाल कर बेड़ियां हनुमान मंदिर व मां दुदहिया माता मंदिर पहुंचीं। वहां पर उन्होंने बेदी बनाकर धूप-दीप जलाए और भगवान जीमूतवाहन की विधि-विधान से पूजा की।
पूजा-पाठ व कथा
मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए चिल-सियारिन की कथा सुनाई गई। पूजा के दौरान भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा और महिलाएं क्रमबद्ध रूप से पूजा में शामिल रहीं।
पुजारी आचार्य अनूप कुमार शुक्ला ने बताया कि इस व्रत का विधान ऐसा है कि सप्तमी को नहाय-खाय कर विधि पूर्वक तैयारियां की जाती हैं। अष्टमी को 24 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है और रविवार को पारण के साथ व्रत का समापन होता है।
स्थानीय महिलाएं व परिवारों ने कहा कि वे परंपरा के अनुसार पूजा करके शांति और खुशहाली की कामना करती हैं। कई ने बताया कि व्रत रखने से पारिवारिक सुख और बच्चों की लंबी उम्र की उम्मीद रहती है।
मंदिर प्रबंधन ने साफ-सफाई और आयोजन की व्यवस्था दुरुस्त रखने का प्रयास किया। आने वाले दिनों में भी पूजा-पाठ और धार्मिक सभाएं अनुशासित ढंग से आयोजित करने की बात कही गई है।
जो श्रद्धालु या परिवार इस परंपरा के बारे में और जानकारी चाहते हैं, वे स्थानीय मंदिरों से संपर्क कर कार्यक्रम और समय की जानकारी ले सकते हैं। रविवार को होने वाले पारण में स्थानीय स्तर पर संभावित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे जा सकते हैं।
स्रोत: अमर उजाला

