सोनभद्र। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को निराला नगर में मित्र मंच फाउंडेशन की ओर से काव्य संध्या का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में स्थानीय और प्रदेश के कवि‑साहित्यकारों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
वरिष्ठ साहित्यकार रामनाथ शिवेंद्र ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पूर्व बार अध्यक्ष विनोद चौबे मुख्य अतिथि और डॉ. श्याम बिहारी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। संरक्षक उमेश जालान भी आयोजन में उपस्थित रहे।
कवियों ने दी श्रद्धांजलि
प्रद्युम्न त्रिपाठी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से दोनों महापुरुषों को नमन किया। संचालक अशोक तिवारी ने “हिंसा का दावानल जब बस्तियां जलाए, मुझे तुम याद आए…” सुनाकर गांधी जी को श्रद्धांजलि दी। इस पंक्ति ने श्रोता मंडली को गंभीर कर दिया।
कवि अब्दुल हई ने “फिर वही मंजर दिखाए जा रहे हैं, मुफलिसों के घर जलाए जा रहे हैं…” सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी। आयोजक विकास वर्मा बाबा ने “अल्ला और भगवान की बातें, कभी‑कभी दिख भी जाती हैं, हिंदी हिंदुस्तान की बातें…” पाठ कर समां बांध दिया।
मुख्य अतिथि विनोद चौबे ने समारोह में Gandhi और Shastri को नमन करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। डॉ. श्याम बिहारी तिवारी ने साबरमती आश्रम की यात्रा के संस्मरण साझा किए और गांधी जी को अतुलनीय संत बताया।
अध्यक्षता कर रहे रामनाथ शिवेंद्र ने दोनों महापुरुषों के विचारों की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर अशोक विश्वकर्मा, नंदकिशोर, ऋषभ त्रिपाठी और जयशंकर त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में आए लोगों ने कवियों की पंक्तियों से प्रेरणा पाई और गांधी‑शास्त्री के आदर्शों पर विचार किया। आयोजक फाउंडेशन ने आगे भी ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया।
स्रोत: अमर उजाला

