सोनभद्र। म्योरपुर थाना क्षेत्र के चांगा गांव में जमीन के बैनामे को लेकर विवाद भड़क गया है। मृतक रामकिशुन के परिवार का आरोप है कि बंटवारे के बाद सड़क के सामने वाली जमीन का हिस्सा हीर कुंवर के नाम गलत तरीके से बैनामा कर दिया गया।
शिवनाथ पनिका की पत्नी सुंदरी और बहू बसंती ने बताया कि यह जमीन कीमती है, लेकिन इसे सस्ते दामों में बेच दिया गया। उनका कहना है कि हीर कुंवर ने मुस्लिम धर्म के व्यक्ति इस्माइल खान से विवाह कर लिया है, फिर भी जमीन अनुसूचित जनजाति के दर्जे के साथ हीर के नाम कराई गई।
रजिस्ट्री और शिकायत
परिवार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। बसंती ने कहा कि उनके ससुर को जबरन घघरी ले जाकर वहीं से दो गवाह तैयार कराकर करीब दो वर्ष पहले बैनामा कराया गया। परिजन बैनामे में दर्ज गवाहों के दूसरे स्थान होने पर भी疑ान उठा रहे हैं और रजिस्ट्री की वैधता की जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
हीर कुंवर ने बताया कि उनकी सर्विस बुक में आज भी पिता का नाम दर्ज है, जबकि बच्चों के आधार कार्डों में पिता के रूप में इस्माइल खान का नाम अंकित है। उन्होंने कहा कि किरबिल में उनके नाम से खरीदी गई जमीन पर वर्तमान में खेती-बाड़ी होती है और जमीन सड़क किराने होने के कारण व्यवसाय के उद्देश्य से खरीदी गई थी।
हीर कुंवर के बारे में यह भी बताया जाता है कि करीब 20 वर्ष पहले वे वनवासी सेवा आश्रम के माध्यम से फ्रांस के पेरिस में आयोजित एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गई थीं। इसके बाद उन्हें शिक्षामित्र की नौकरी मिली और वे गांव में कार्य करने लगीं। उनका पहला विवाह रन्नू गांव में हुआ था और वहां से एक के बाद हालात बदलते गए।
एसडीएम दुद्धी अशोक गुप्ता ने कहा, “प्रकरण संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।” स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की जांच में रजिस्ट्री के दस्तावेज, गवाहों के पते और खरीद की वास्तविक कीमत की पड़ताल आवश्यक है।
आगे की कार्रवाई
परिजन अब स्थानीय प्रशासन से शीघ्र जांच और सत्यापन की मांग कर रहे हैं। जो भी अदालत या अधिकारी अगले कदम उठाएंगे, उसे देखकर जमीन के अधिकार और बंटवारे की वास्तविकता स्पष्ट होगी।
स्रोत: अमर उजाला

