ओबरा (सोनभद्र)। मौसम बदलने से बिजली की मांग में कमी आने के बाद ओबरा बी तापीय परियोजना की पांच इकाइयां बंद हो गईं और परियोजना से बिजली उत्पादन शून्य हो गया है। प्रबंधन ने तीन इकाइयों को रिजर्व शट डाउन मोड में रखा है जबकि दो इकाइयां तकनीकी खराबी के कारण बंद हुईं।
परियोजना में 200 मेगावाट क्षमता वाली इकाइयों का उल्लेख किया गया है। 10वीं इकाई शुक्रवार रात 8 बजकर 04 मिनट पर बंद हुई। बताया गया है कि इस इकाई में कंडेंसर वैक्यूम कम होने के कारण बंदोबस्त हुआ।
शटडाउन के समय व कारण
9वीं इकाई 200 मेगावाट क्षमता वाली थी और यह शनिवार तड़के 4 बजकर 16 मिनट पर बंद हुई। इसके बंद होने का कारण ब्वॉयलर ट्यूब लीकेज बताया गया है। प्रबंधन ने तकनीकी खराबी की जानकारी दी है।
- 10वीं इकाई: शुक्रवार रात 8:04 बजे, कारण: कंडेंसर वैक्यूम कम
- 9वीं इकाई: शनिवार तड़के 4:16 बजे, कारण: ब्वॉयलर ट्यूब लीकेज
- तीन अन्य उत्पादनरत इकाइयों: शनिवार दोपहर 1:45 से 2:12 बजे के बीच रिजर्व शट डाउन मोड पर डाली गईं
प्रबंधन ने बताया कि तीन इकाइयों को रिजर्व शट डाउन में रखने का मुख्य कारण बिजली आयात के करार हैं। सरकार और बिजली प्रबंधन ने निजी व केंद्रीय क्षेत्रों से बिजली आयात के लिए ये करार किए हैं, इसलिए स्थानीय उत्पादन को क्षणिक रूप से घटाया गया है।
स्थानीय और उपभोक्ता स्तर पर बिजली आपूर्ति में तत्काल कोई व्यवधान रिपोर्ट नहीं मिला है क्योंकि आयात किए गए बिजली करारों के जरिए मांग पूरी की जा रही है। तापीय परियोजना के बंद होने से फ्यूल या अन्य संसाधनों के उपयोग में अस्थायी परिवर्तन हो सकते हैं।
आगे क्या होगा
प्रबंधन तकनीकी खराबियों को ठीक कर पुनः उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया में है। कब तक सभी इकाइयां काम पर लौटेंगी, इसका समय अभी घोषित नहीं किया गया है। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभाग से संपर्क करें।
स्रोत: अमर उजाला

