सुल्तानपुर। चार दिन से लगातार हो रही बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा ने जिले में तबाही मचाई है। शनिवार तक प्रशासन को 42 मकान ढहने और छह मवेशियों की मौत की रिपोर्ट मिली है।
जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बारिश और तेज हवा के कारण 42 मकान ढह गए हैं। जिले के 27 स्थानों पर पेड़ गिरने की जानकारी मिली है, जिससे लखनऊ-बलिया और अयोध्या-प्रयागराज हाईवे समेत कई मार्गों पर यातायात घंटों बाधित रहा।
फसलों और बाजार पर असर
गांवों में कच्चे मकान और दीवारें ढह गईं। खेतों में धान और गन्ने की फसल बिछ गई है। खासकर केले की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बहमरपुर में चार हजार केले के पौधों में दो हजार गिर गए, जिनमें से एक हजार से अधिक पौधों पर फल लगे थे।
किसान विमलेश सिंह को इस नुकसान की वजह से करीब दो लाख रुपये का नुकसान होना बताया जा रहा है। बारिश के कारण बाजारों में ग्राहक कम हो गए हैं, जिससे छोटे कारोबारियों की आमदनी आधी से भी कम रह गई है।
मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल के अनुसार शनिवार को जिले में अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन भर में 23.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। तेज हवा के साथ आने वाली बौछारों से पेड़ों की जड़ें कमजोर जमीन से उखड़ गईं और कई जगहों पर बिजली के खंभे भी प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का सर्वे शुरू कर दिया है। जिन परिवारों के मकान ढहे हैं, उन्हें अस्थायी सहायता और राहत की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात बहाल करने और पेड़ों को हटाने के काम जारी हैं, ताकि ग्रामीण और शहरी आवागमन जल्द सामान्य हो सके।
स्रोत: अमर उजाला

