लखनऊ। समाजवादी पार्टी में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर सस्पेंस जारी है। 29 सितंबर को सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम शेरवानी ने कहा कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर स्पष्ट तौर पर कहा है कि वे राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं।
शेरवानी के मुताबिक मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और बताया कि पार्टी 3 या 4 अक्टूबर को अपने सभी उम्मीदवारों के नाम घोषित करेगी। मुलाकात के बाद सलीम शेरवानी पार्टी कार्यालय से निकलकर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मुलाकात के दौरान शिवपाल यादव भी मौजूद रहे।
कौन-कौन हैं दावेदार
समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा की दो सीटों के लिए पहले ही सहमति जता दी है। उन नामों में प्रोफेसर रामगोपाल यादव और पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन शामिल हैं। तीसरी सीट के लिए सलीम शेरवानी के अलावा गुर्जर नेता रूद्रसेन चौधरी और पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप के नाम चर्चित हैं।
सलीम शेरवानी सपा के पुराने और वरिष्ठ नेताओं में से हैं। वे पांच बार लोकसभा सांसद रहे हैं और केंद्र की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। 2024 में उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दिया था, पर बाद में वह इस्तीफा वापस ले चुके हैं। अब वे खुद राज्यसभा टिकट के प्रमुख दावेदार बन गए हैं।
राज्यसभा चुनाव में सपा के सामने तीसरी सीट निकालना चुनौतीपूर्ण है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में फिलहाल 397 सदस्य हैं और एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 प्रथम वरीयता मतों की जरूरत होती है। सपा के पास 101 विधायक हैं और कांग्रेस के दो विधायकों के साथ मिलकर संख्या 103 हो जाती है।
दो उम्मीदवारों को जिताने के बाद सपा के पास कुछ अतिरिक्त मत तो बचते हैं, लेकिन तीसरी सीट के लिए पार्टी को बाहर से अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा। इस वजह से अगले दो दिनों में पार्टी के फैसले और समीकरण पर नजरें रहेंगी।
लोकल स्तर पर सपा कार्यकर्ता और समर्थक तीसरी सीट के नामांकन पर सतर्क हैं और 3-4 अक्टूबर की घोषण के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी।
स्रोत: TV9 भारतवर्ष

