वाराणसी। नगर निगम ने अप्रैल से 22 सितंबर 2026 तक चलाए गए अभियान में छह महीने में कुल 466 स्थानों से अस्थायी अतिक्रमण हटवाए हैं। निगम ने इन्हीं मामलों में कुल 7.80 लाख 750 रुपये जुर्माने के रूप में वसूल भी किए हैं।
फिर भी स्थिति पर नजर डालें तो कई प्रमुख जगहों पर अतिक्रमण जस का तस मौजूद है। शहर के लंका चौराहा के चारों ओर रास्तों पर ठेले, ऑटो, ई‑रिक्शा और दुकानदारों के कब्जे से पूरे दिन जाम बनता रहता है।
अभियान के बाद भी लौट रहा कब्जा
सारनाथ के रेडियो स्टेशन के सामने बुधवार को फुटपाथ से अतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन शुक्रवार से वहां फिर ठेले लग गए। यही हालत सारनाथ, आशापुर चौराहा, पहड़िया और पांडेयपुर जैसे स्थानों पर भी देखी गई।
कैंट स्टेशन के सामने सड़क के दोनों किनारों पर ठेले और खड़े वाहनों का कब्जा बना रहता है। ऑटो चालक सड़कों पर ही खड़े होकर सवारी बिठाते हैं और रोडवेज बसें भी सड़क पर ही खड़ी रहती हैं। इन जगहों से कई बार अतिक्रमण हटवाया गया, फिर भी कब्जे दोबारा लग रहे हैं।
नगर निगम के साथ पुलिस अधिकारी कई बार मौके पर पहुंचे और रिमूवल कराया, पर कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। अतिक्रमण और जाम की यह समस्या यात्रियों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
नागरिकों का कहना है कि दिनभर जाम और फुटपाथों पर कब्जे से चलना मुश्किल हो गया है, लेकिन निगम और पुलिस मिलकर किसी दीर्घकालिक व्यवस्था पर काम करें तो फायदा होगा। आगे क्या कदम उठाए जाएंगे इस बारे में अभी निगम की तरफ से कोई नई घोषणा रिपोर्ट में दर्ज नहीं है।
स्रोत: अमर उजाला

