वाराणसी। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार की देर शाम वाराणसी पहुंचा। लखनऊ से उनका पार्थिव शरीर लेकर आए काफिले ने सीधे जगदीशपुर स्थित वारिस के आवास का रुख किया।
जगदीशपुर व आसपास में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और नेता जुट गए। लोगों की आंखें नम दिखीं और कई ने बयान दिए कि उन्हें “गौरी भैया” के नाम से भी बुलाया जाता था। लगातार नारे लगे, “जब तक सूरज चांद रहेगा रामगोविंद का नाम रहेगा”।
श्रद्धांजलि का सिलसिला
सिविल लाइन इलाके में मौजूद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एंबुलेंस के पास ही पुष्प अर्पित कर अंतिम श्रद्धांजलि दी। पार्थिव शरीर के साथ उनके पुत्र रंजीत चौधरी व अन्य परिजन मौजूद रहे। मौके पर भारी संख्या में पार्टी के स्थानीय नेता, कार्यकर्ता और समर्थक दिखाई दिए।
बारिश के बावजूद कार्यकर्ता और नेता डटे रहे और अंतिम संस्कार से पहले उन्हें श्रद्धांजलि देना जारी रखा। कई लोगों ने उनके राजनीतिक जीवन और जनता के लिए किए कामों की चर्चा की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
स्थानीय नेताओं ने आने वाले दिनों में होने वाले अंतिम संस्कार और सार्वजनिक कार्यक्रमों की जानकारी जल्द साझा करने की बात कही। परिवार और पार्टी की ओर से आगे की तैयारियों पर काम चल रहा है।
आगे का कार्यक्रम
परिवार और पार्टी के निर्देशों के अनुसार अब आगे का शेड्यूल तय किया जाएगा और लोगों को सार्वजनिक तौर पर शामिल होने के संबंध में सूचित किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन और पार्टी पदाधिकारी अंतिम कार्यक्रम के समन्वय के लिए संपर्क में हैं।
स्रोत: अमर उजाला

