आगरा। अछनेरा ब्लॉक के कुकथला में शनिवार रात डीएपी खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। स्थानीय किसानों ने एक ही रात में दो बार सहकारी समिति से खाद लादकर जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को रंगे हाथ पकड़ा।
पहली घटना रात करीब 10 बजे हुई जब समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह अनुपस्थित थे और बिना किसी कागजी प्रक्रिया के डीएपी के करीब 22 कट्टे लादे जा रहे थे। मौके पर पहुंचे किसानों ने विरोध किया और डायल 112 पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पहला ट्रैक्टर कुकथला चौकी पर खड़ा करा दिया।
घटना और गिरफ्तारी
कुछ ही घंटों बाद रात करीब 12:30 बजे ग्रामीणों को फिर भनक लगी कि समिति से दूसरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में सरकारी खाद की बोरियां लादी जा रही हैं। भारी संख्या में ग्रामीण सहकारी समिति के चारों तरफ इकट्ठा हो गए और दूसरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी पकड़कर कुकथला पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए दो लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
सूत्रों के अनुसार सहकारी समिति की चाबी एक प्राइवेट कर्मचारी के पास रहती है और रात में उसी के जरिए कालाबाजारी का पूरा खेल चल रहा था। आक्रोशित किसानों ने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
किसान नेता चौधरी दलीप सिंह ने कहा, “क्षेत्र में फसलों की बुआई का समय चल रहा है, जिसके लिए किसान सुबह से शाम तक लंबी-लंबी कतारों में खड़े रहने के बाद बमुश्किल एक बोरी खाद हासिल कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में समिति से रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से भारी मात्रा में खाद की कालाबाजारी का प्रयास एक गंभीर अपराध है।”
इस मौके पर पूर्व प्रधान रामखिलाड़ी, राजकुमार चौधरी, चौधरी मुख्तार सिंह, श्याम वीर चौधरी और रमेश शर्मा मौजूद थे और ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल किया। एआर कोऑपरेटिव सतीश कुमार ने बताया कि शिकायत मिली है और मामले में एफआईआर कराई जाएगी।
स्थानीय किसानों पर इस घटना का सीधा असर पड़ा है क्योंकि बुवाई के समय उन्हें खाद नहीं मिल पाने की चिंता सताने लगी है। प्रशासन से जल्द प्रभावी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है ताकि भविष्य में खाद की उपलब्धता पर असर न पड़े।
स्रोत: अमर उजाला

