आगरा। एशियाई खेलों के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर भारत ने स्वर्ण पदक हासिल किया और जिले के क्रिकेट प्रेमियों में तुरंत उत्साह फैल गया। आगरा के स्थानीय मैदानों और क्लबों में खिलाड़ी और दर्शक मिलकर जीत का उत्सव मनाने लगे।
मैच की जीत से शहर के कई क्रिकेटरों और कोचों का मनोबल बढ़ा। खिलाड़ियों ने इसे गर्व और देश के लिए अहम जीत बताया। मैच के बाद दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच पारंपरिक हाथ ना मिलाने की बात भी नोट की गई।
स्थानीय मैदानों की प्रतिक्रिया
आगरा के क्लबों में खेलने वाले युवा खिलाड़ी मैदान पर इकट्ठा होकर हौसला दिखाते नजर आए। कुछ ने जश्न मनाते हुए एक दूसरे को गले लगाया तो कई जगह धुनें और नारे चले। कोचों ने कहा कि ऐसी जीत नए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनती है।
पूर्व और वर्तमान खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के स्तर की तारीफ की। मैच की कड़ी प्रतिस्पर्धा और दबाव भरे मोड़ में भारतीय टीम ने संयम से खेलते हुए श्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाया।
“हाथ नहीं मिलाना सही फैसला है, तिरंगे की शान के लिए भारत की जीत ही सबसे बड़ा सम्मान है। पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल जीतकर स्वर्ण हासिल करना गर्व का पल है।” – मानिक बेरी, मुश्ताक अली ट्रॉफी खिलाड़ी।
“भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा खास होता है। भारतीय टीम ने दबाव में शानदार खेल दिखाकर देश को स्वर्ण दिलाया, इससे हर खिलाड़ी का सीना गर्व से चौड़ा हुआ है।” – कौशल शर्मा, पूर्व क्रिकेटर और कोच।
स्थानीय प्रशंसक और युवा खिलाड़ियों का मानना है कि इस जीत से घरेलू क्रिकेट में रुचि और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। कुछ क्लबों ने अभ्यास सत्र बढ़ाने और نوجوانों के लिए खेल कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बताई है।
आगरा के कई कोच और खिलाड़ी अगले चरण में जिलास्तरीय टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। राहगीरों और दर्शकों से कहा जा रहा है कि वे स्थानीय मैदानों पर आयोजित प्रशिक्षण और मैचों में भाग लेकर युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं।
स्रोत: अमर उजाला

