अमरोहा। हरियाणा की एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की धाराएँ बढ़ाई जाएंगी।
अपराध शाखा की टीम मामले की जांच में लगी है। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने बताया कि पीड़िता से लगातार संपर्क रखा जा रहा है और उससे आवश्यक जानकारी ली जा रही है।
क्या बताया पुलिस ने
एसपी ने कहा कि आरम्भ में पीड़िता ने अपनी जाति स्पष्ट नहीं की थी इसलिए प्राथमिकी दर्ज करते समय एससी-एसटी की धाराएँ नहीं लगाई गईं। बाद में न्यायालय में बयान दर्ज होने पर पीड़िता ने खुद को अनुसूचित जाति बताया।
पुलिस ने पीड़िता से उसके अनुसूचित वर्ग का प्रमाण पत्र मांगा है। पीड़िता ने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन भी किया है, लेकिन प्रमाण पत्र मिलने तक मामले की विवेचना पूरी नहीं हो सकेगी और तब तक एससी-एसटी की धाराएँ जोड़ी नहीं जा सकेंगी।
जिले की पुलिस इस बात पर भी काम कर रही है कि जब प्रमाणपत्र मिल जाए तो अभिलंब आवश्यक धाराएँ जोड़कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी जाएगी। जांच में मामलों की कोर्ट में पेशी और अन्य औपचारिक कदम भी शामिल हैं।
स्थानीय असर और आगे की कार्रवाई
इस मामले से इलाके में सार्वजनिक चिंता है और पुलिस को हर संभव सहायता देने का दबाव बढ़ गया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पीड़िता की सुरक्षा और कानूनी सहायताओं पर भी ध्यान रखा जाएगा जब तक आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं होते।
रिपोर्ट मिलने पर पुलिस आगे की कानूनी धाराएँ जोड़कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा सुदृढ़ करेगी और आगे की जांच-पड़ताल में अदालत के निर्देशों का पालन किया जाएगा।
स्रोत: अमर उजाला

