मंडी धनौरा(अमरोहा)। छीतरा गांव का युवक अक्षय दो साल पहले स्टडी वीजा पर रूस गया था। परिजनों का कहना है कि वहां उसे रशियन भाषा का कोर्स करने के बाद सेना में जबरन भर्ती करवा दिया गया और यूक्रेन मोर्चे पर भेज दिया गया।
परिवार ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर बताया है कि अक्षय ने शुरू में तीन माह का रशियन भाषा कोर्स किया था और बाद में वीजा बढ़वाकर किसी कंपनी के रेस्टोरेंट में पार्ट टाइम काम करने लगा। परिजनों का आरोप है कि अलीशा नाम की महिला ने उसे मोटा वेतन दिलाने का झांसा देकर रूस की सेना में भर्ती करा दिया और उसकी नागरिकता भी करा दी।
परिवार की शिकायत और हालात
अमन ने पत्र में लिखा है कि अक्षय को युद्ध क्षेत्र में टनल बनाने और गड्ढे खोदने का काम बताया गया था, लेकिन बाद में उसे अग्रिम मोर्चे पर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि बीती 1 जुलाई को युद्ध के दौरान अक्षय घायल हुआ था और उसकी यूनिट उसे वापस लेकर इलाज कर रही थी।
परिजन बताते हैं कि 24 सितंबर से अक्षय का मोबाइल बंद आ रहा है और पिछले 10 दिनों से उसका कोई पता नहीं चल रहा। पिता रणधीर और परिवार बेहद परेशान हैं। उन्होंने दिल्ली जाकर विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास के अधिकारियों से भी मिलकर मदद मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक कोई जवाब नहीं मिला।
परिजनों ने पुलिस से भी अक्षय का पता लगाने की गुहार लगाई है। उन्होंने एसपी को लिखित शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की है और मानव तस्करी या भर्तीकऱने वाले एजेंटों की भूमिका की भी जांच की मांग जताई है।
पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई है। “शिकायत मिलने के बाद हमारी ओर से उत्तर प्रदेश मुख्यालय और संबंधित दूतावास को पत्राचार कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई वहीं से की जाएगी।”, लखन सिंह यादव, एसपी
परिजन अब भी उम्मीद लगाए हुए हैं कि प्रशासन और विदेश कार्यालय से संपर्क में आने पर अक्षय का पता चल पाएगा। इस बीच स्थानीय लोग भी परिवार को मानसिक सहारा दे रहे हैं और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दे रहे हैं।
स्रोत: अमर उजाला

