अमरोहा। लंबित मांगों को लेकर शनिवार को जिले की सभी चार तहसीलों में लेखपालों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को सौंपकर अपनी समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की।
लेखपालों ने तहसील दिवस का बहिष्कार कर दिया और चेतावनी दी कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर 17 अक्तूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगे। उन्होंने थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताने का फैसला भी किया।
मांगें और वेतन-सुविधा
हसनपुर, मंडी धनौरा, अमरोहा और नौगावां सादात तहसीलों के लेखपालों ने बढ़ते कार्यभार और संसाधनों की कमी को लेकर कई मांगें उठाईं। उन्होंने प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 (ग्रेड पे 2800) करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की माँग रखी। आठ साल से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलने और चयन वर्ष 2025-26 की पदोन्नति सूची जारी करने की भी मांग शामिल रही।
नवनियुक्त लेखपालों की विभागीय परीक्षा का परिणाम व प्रमाणपत्र जारी कर स्थायीकरण करने का अनुरोध किया गया। साथ ही भूलेख कार्यालयों व पटलों से लेखपालों को अवमुक्त करने तथा ग्राम सचिवालयों में सुविधाएँ देने का भी दबाव बनाया गया। लेखपालों ने पद को तकनीकी घोषित कर लैपटॉप व मोबाइल उपलब्ध कराने का भी आग्रह रखा।
लेखपालों ने विशेष और स्टेशनरी तथा वाहन भत्ते बढ़ाने की मांगें भी खोलीं। उन्होंने अलग-अलग भत्तों में वृद्धि के लिए यह सूची सार्वजनिक की:
- स्टेशनरी भत्ता: 100 से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह
- वाहन भत्ता: 1500 रुपये प्रतिमाह
- विशेष भत्ता: 1000 रुपये प्रतिमाह
अमरोहा में तहसील अध्यक्ष दुष्यंत देवल के नेतृत्व में धरना दिया गया। नौगावां सादात तहसील में मुकेश कुमार धरने का नेतृत्व कर रहे थे। मौके पर तहसील मंत्री विवेक कुमार, प्रेमपाल सिंह, विजयपाल, अंकुर सेठी, साजिद, अवधेश, सतीश, शिवानी, राकेश, प्रशांत यादव, मुकुल, अनु, स्वाति, प्राची, दीपक और गौरव सहित कई लोग मौजूद रहे।
आगे की कार्रवाई
लेखपालों ने एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापनों के बाद प्रशासन से त्वरित पहल की उम्मीद जताई है। यदि उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो वे तय तारीख 17 अक्तूबर से सभी कामकाज बंद कर देंगे। स्थानीय लोगों और विभागीय अधिकारियों ने भी विकास कार्य प्रभावित होने की चिंता जताई है।
स्रोत: अमर उजाला

