अमरोहा। सीएचओ और एएनएम की हड़ताल शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रही। इस वजह से जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रहीं और मरीजों को दिक्कतें हुईं।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले सीएचओ और एएनएम बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर गांधी जयंती मनाने के बाद धरना दिया। शहरी क्षेत्रों में केवल एएनएम हड़ताल पर रहीं जबकि सीएचओ की हड़ताल से ग्रामीण इलाकों में अधिक असर पड़ा।
हड़ताल के प्रभाव
हड़ताल के कारण आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में नियमित सेवाएं नहीं चल पाईं। ग्राम स्तरीय केंद्रों पर मरीजों को इलाज के लिए दूर के स्वास्थ्य केंद्रों तक जाना पड़ा। टीकाकरण भी प्रभावित हुआ, खासकर शहरी और ग्रामीण दोनों जगहों पर गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य गतिविधियों में रुकावट आई।
जिलाध्यक्ष कमलदीप शर्मा ने सीएचओ का अलग कैडर बनाकर नियमितीकरण की स्पष्ट नीति, आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ऑपरेशनल गाइडलाइन के अनुसार मानदेय में पीबीआई शामिल करने, नियमित भर्ती में अनुभव के आधार पर वरीयता और रिक्त पदों पर स्थानांतरण की मांग रखी। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के जिला अध्यक्ष गिरीश कुमार ने कहा, “मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।”
उत्तर प्रदेश महिला स्वास्थ्य कार्यकत्री संविदा संघ के आह्वान पर संविदा एएनएम शुक्रवार को कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर रहीं। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि संविदा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से नियमित कर्मचारियों के समान कार्य लिया जा रहा है, जबकि करीब 12 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।
संघ ने समान कार्य के लिए समान वेतन, कोरोना काल में सेवाएं देने वाली संविदा महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को नियमित करने और सामाजिक सुरक्षा देने की मांग दोहराई। जिले में करीब 100 एएनएम आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर कार्यरत हैं। इस दौरान लवी चौधरी, पल्लवी, सृष्टि, हिना, प्रगति और नीलम आदि मौजूद रहीं।
आगे की कार्रवाई
कर्मचारियों ने कहा है कि उनकी मांगें पूरा न होने तक हड़ताल जारी रहेगी। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से बातचीत या कोई कदम उठाने की जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। प्रभावित मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों की ओर जाने की सलाह दी जा रही है।
स्रोत: अमर उजाला

