अमरोहा। उत्तराखंड के खानपुर के विधायक उमेश शर्मा के फार्म हाउस में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में फार्म हाउस के केयरटेकर रामनिवास का सोमवार को बयान दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि रजबपुर थाने के दरोगा नरेश पाल राणा ने आरोपियों को कमरे दिलाने के लिए दबाव बनाया था।
रामनिवास ने पुलिस को तहरीर में कहा था कि दरोगा ने जांच के लिए गृह मंत्रालय की टीम आने का हवाला देकर कमरे देने के लिए फोन किया और फार्म हाउस की लोकेशन भी मांगी। हसनपुर कोतवाली के इंस्पेक्टर ने उन्हें बुलाकर उनकी शिकायत और घटना से जुड़ा बयान लिया।
दरोगा की भूमिका और जांच
रजबपुर थाने में तैनात दरोगा नरेश पाल राणा के खिलाफ यह आरोप लगने के बाद वह थाने से गैरहाजिर पाया गया और उसे निलंबित कर दिया गया है। घटना में उसकी संलिप्तता की तहकीकात सीओ नौगावां सादात अवधभान भदौरिया कर रहे हैं।
जांच अधिकारी यह पता लगाने में लगे हैं कि नरेश पाल का आरोपियों से क्या संबंध था और क्या उसने वास्तव में फोन कर कमरे दिलाने के लिए दबाव बनाया था। पुलिस घटना के अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।
पीड़िताओं को आर्थिक सहायता
जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखुड़ी जैन ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता को पुलिस की रिपोर्ट मिलने पर आर्थिक सहायता दी जाएगी। कुल सहायता चार लाख रुपये निर्धारित की गई है, जो पुलिस रिपोर्ट के आधार पर दी जाएगी।
- एफआईआर दर्ज और चार्जशीट दाखिल होने पर 2.5 लाख रुपये दिए जाएंगे
- बचा हुआ धनराशि मुकदमे की सुनवाई के दौरान प्रक्रिया के अनुसार दी जाएगी
पंखुड़ी जैन ने कहा कि अभी तक विभाग को पुलिस की ओर से पीड़िता संबंधी कोई रिपोर्ट या पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद विभागीय प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
केयरटेकर रामनिवास ने अपनी तहरीर वापस लेने से इनकार किया है। मामले की आगे की जांच और पटल पर आने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही आगे के कदम अधिकारियों द्वारा लिए जाएंगे।
स्रोत: अमर उजाला

