अम्बेडकरनगर। लगातार बारिश और तेज हवा ने जिले की बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित कर दी। शुक्रवार रात से शनिवार देर शाम तक कई क्षेत्रों में बिजली बाधित रही और सैकड़ों गांव अँधेरे में रहे।
क्षति व प्रभावित क्षेत्र
आंधी-पानी के चलते जिलेभर में कुल 80 बिजली के खंभे तथा 12 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। कई जगह पेड़ और टहनियां बिजली तारों पर गिर गईं। शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में करीब 600 से अधिक गांवों की बिजली करीब 16 घंटे के लिए बंद रही।
अकबरपुर उपकेंद्र से जुड़ी कई फीडर लाइन प्रभावित रहीं। अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 20 पेड़ गिरने से 23 खंभे, तीन ट्रांसफार्मर और 33 हजार वोल्ट की लाइन के तार टूटे। वीआईपी फीडर में रात 10 बजे आपूर्ति बंद हुई थी, जो रात 1:55 बजे अचानक बहाल हुई और फिर 3:25 बजे ठप हो गई। अंततः सुबह 11 बजे कुछ फीडर सुचारू हुए पर दोपहर 12 बजे बिजली फिर कट गई।
आलापुर पावरहाउस से जुड़े रामनगर, आलापुर, तेंदुआईकला, न्योरी, हंसवर, मकोइया और दरगाह फीडर क्षेत्रों में 22 पेड़ गिरने से 32 खंभे व पांच ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। इससे करीब 400 गांवों की आपूर्ति प्रभावित रही। टांडा बिजलीघर क्षेत्र में भी 10 बड़े पेड़ गिरने के कारण 150 से अधिक गांवों की बिजली बाधित रही।
जिला अस्पताल और राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में आपात सेवाओं के लिए जेनरेटर चालू किए गए। सीएमएस डॉ. पीएन यादव ने कहा, “मरीजों को असुविधा न हो, इसके लिए शुक्रवार रात से जनरेटर के जरिए जरूरी सेवाएं संचालित की जा रही हैं।” डायलिसिस यूनिट में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था की गई, बावजूद इसके बीच-बीच में जेनरेटर बंद होने से कुछ समय सेवाएं प्रभावित रहीं।
स्थानीय लोग बताते हैं कि बिजली लंबे समय तक न रहने से खाना पकाना, पानी की आपूर्ति और मोबाइल चार्ज जैसी बुनियादी परेशानियां हुईं। कई घरों के इन्वर्टर भी लगातार कटौती के चलते फेल हो गए और लोगों का संपर्क कट गया।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया, “वर्जन: भारी बारिश और तेज हवा से बड़े पेड़ व टहनियां बिजली तारों पर गिरने के कारण तार टूटे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए। बिजलीकर्मियों को लगाकर फॉल्ट ठीक कर बिजलीघरवार आपूर्ति सुचारू कराई जा रही है। देर शाम तक आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।”
बिजली कटौती से प्रभावित इलाकों में विभाग के टीमें फॉल्ट ठीक कर रही हैं और देर शाम तक आपूर्ति बहाल करने का दावा किया गया है। नागरिकों से कहा गया है कि वे टूटी तारों के पास न जाएं और किसी परेशानी की स्थिति में नजदीकी उपकेंद्र से संपर्क करें।
स्रोत: अमर उजाला

