अम्बेडकरनगर। जिले के बाढ़ से प्रभावित और मुख्यालय से दूर स्थित 150 चिन्हित विद्यालयों पर अब विशेष निगरानी रखी जाएगी। यह निर्देश जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने सोमवार को जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति/निपुण टास्क फोर्स की मासिक समीक्षा बैठक में दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात और बाढ़ के कारण इन विद्यालयों में पढ़ाई बाधित होने के साथ पेयजल, शौचालय और बिजली जैसे आधारभूत सुविधाओं के प्रभावित होने का खतरा है। इसलिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को इन विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने और समस्याओं का त्वरित निवारण सुनिश्चित करने का काम दिया गया है।
निरीक्षण और सुविधाओं पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध सभी आधारभूत सुविधाएं व्यवस्थित और क्रियाशील रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। कायाकल्प योजना के तहत जो सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, उनका प्रभावी उपयोग होना चाहिए। शिक्षा का सुगम और बेहतर माहौल बनाना प्राथमिकता होगी।
बैठक में शिक्षण व्यवस्था की निगरानी के साथ-साथ स्कूलों की सुरक्षा, पहुंच और शैक्षणिक प्रणाली पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए। बाढ़ की स्थिति के दौरान इन पहलुओं को तत्काल देखा जाएगा ताकि प्रतिकूल मौसम में भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने और विभागीय दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों से कहा गया कि वे निरीक्षण के दौरान समस्याओं की सूची बनाकर शीघ्र समाधान के लिए रिपोर्ट सौंपें।
बैठक में बीएसए डॉ. पूनम मिश्रा समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। अब अगले कदम के रूप में निरीक्षण की फ्रीक्वेंसी और फॉलो-अप मैकेनिज्म तय किया जाएगा ताकि निर्धारित स्कूलों पर निगरानी प्रभावी ढंग से लागू हो सके।
स्रोत: अमर उजाला

