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अम्बेडकर नगर: बारिश-हवा से 13 हजार हेक्टेयर में धान गिरी, 1.31 लाख हेक्टेयर बोआई

बृहस्पतिवार रात से 16 घंटे तक बारिश और तेज हवा से गोभी-टमाटर की नर्सरी और गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई, कृषि टीमें स्थिति का जायजा ले रही हैं।

अम्बेडकर नगर: बारिश-हवा से 13 हजार हेक्टेयर में धान गिरी, 1.31 लाख हेक्टेयर बोआई
फोटो: अमर उजाला

अम्बेडकरनगर। मौसम में बदलाव के कारण बृहस्पतिवार रात से शुरू हुई लगातार बारिश और तेज हवा ने जिले के किसानों को त्रस्त कर दिया है। इस दौरान तैयार धान और गन्ने की फसल कई इलाकों में गिर गई और सब्जी नर्सरी भी प्रभावित हुईं।

किसानों और विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष करीब 1.31 लाख हेक्टेयर में धान की बोआई हुई है और इन दिनों फसल बाली की अवस्था में पहुंच चुकी है। पिछले दो दिनों से जारी बारिश में बृहस्पतिवार रात करीब 16 घंटे तक मध्यम गति की बारिश रही। अकबरपुर, टांडा, जलालपुर, बसखारी और कटेहरी समेत क्षेत्रों में लगभग 13 हजार हेक्टेयर धान गिरे और खेतों में पानी भर गया है।

फसल और नर्सरी को नुकसान

सब्जियों की नर्सरी, विशेषकर गोभी और टमाटर, लगातार बारिश से प्रभावित हुई हैं। स्थानीय किसानों ने खेतों में पानी भरा रहने से धान की बालियों में अंकुरण शुरू होने और दानों के कमजोर होने की आशंका जताई है। कटेहरी के रग्घूपुर निवासी लल्लू यादव की एक बीघा धान और जियाराम यादव की डेढ़ बीघा गन्ने की फसल गिरने की सूचनाएं मिली हैं।

किसानों ने स्थिति बयां करते हुए कहा, “लगातार बारिश और तेज हवा से एक बीघा तैयार धान की फसल गिर गई है। मौसम जल्द साफ नहीं हुआ और खेत में पानी जमा रहा तो दाने सड़ सकते हैं।” मल्लूपुर के अंदेश यादव ने कहा, “गोभी और टमाटर की नर्सरी डाली थी, लेकिन पानी भरने से असर पड़ा है।” जलालपुर के अवनीश ने बताया, “खराब मौसम का असर धान के साथ टमाटर की नर्सरी और सब्जियों पर भी पड़ा है।”

बिजली और आवागमन भी प्रभावित रहा। कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं और मार्ग घंटों बंद रहे। उतरैथू-बरुआ मार्ग पर भुवालपुर के पास बिजली का पोल टूटने से आवागमन ठप हो गया। स्थानीय युवकों ने मिलकर सुबह मार्ग बहाल कराया।

आगे की कार्यवाही

कृषि विज्ञान केंद्र पांती के अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक डॉ. रामजीत ने किसानों से कहा कि खेतों में पानी जमा न रहने दें और तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था करें ताकि दाने खराब न हों और फफूंद का खतरा कम हो। जिलाधिकारी व कृषि विभाग की टीमें गांव-गांव भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं। जिला कृषि अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि बारिश थमने के बाद नुकसान का सही आकलन कर आवश्यक मदद तय की जाएगी।

स्रोत: अमर उजाला

Alok Kumar

Alok Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।