अम्बेडकरनगर। जिले में हर घर नल से जल पहुंचाने के अभियान के बीच 342 पेयजल योजनाएं अभी अधूरी पाई गईं। बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक में यह स्थिति सामने आई।
जिले में कुल 1573 गांव आते हैं। मिशन के तहत 571 ओवरहेड टैंक (ओएचटी) बनाए जाने हैं, जिनमें से 353 का निर्माण पूरा हो चुका है। 229 पेयजल योजनाएं पूरी होने के बाद ओएंडएम को हस्तांतरित कर दी गई हैं। वर्तमान में 1009 गांवों में जलापूर्ति हो रही है जबकि बाकी गांवों के काम लंबित हैं।
कार्य में तेजी व सड़क मरम्मत
डीएम ईशा प्रिया ने अधूरे कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता देने को कहा। दोनों कार्यदायी फर्मों के प्रोजेक्ट मैनेजरों को अभियान के तहत क्षतिग्रस्त सभी सड़कों का शत-प्रतिशत पुनर्स्थापन कराने का आदेश दिया गया।
डीएम ने गुणवत्ता पर समझौता न करने और 10 नवंबर तक सभी कार्य पूरे कराने का समय तय किया। बैठक में यह भी कहा गया कि जिन जगहों पर काम बाधित हैं वहां शेष कार्य पूरी तेजी से कराए जाएं ताकि ग्रामीणों तक जल आपूर्ति में कोई बाधा न रहे।
बैठक में आईजीआरएस और जल जीवन मिशन हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई। सीडीओ वैभव मिश्रा ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण करने के बाद शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेकर संतोष सुनिश्चित किया जाए। एक्सईएन कमलाशंकर ने बताया कि शिकायतें और सड़क मरम्मत संबंधी समस्याएं ‘जल सारथी’ एप पर दर्ज की जा सकेंगी और शिकायतकर्ता मौके का वीडियो भी अपलोड कर सकेगा।
92 ओवरहेड टैंकों के शेष कार्य अक्तूबर के अंत तक पूरा कर उन्हें क्रियाशील कराने के निर्देश दिए गए। धनतेरस पर जिले के 50 गांवों में ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम कराने की भी तैयारी चल रही है। बैठक में सहायक अभियंता नितेंद्र पांडेय, अभिषेक वर्मा, जेई धर्मेंद्र प्रसाद, मुसीबत अली और मिथुन चक्रवर्ती मौजूद रहे।
स्रोत: अमर उजाला

