अम्बेडकर नगर। विभागीय मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने आंदोलन तेज कर दिया है और शनिवार यानी 3 अक्तूबर को समपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करेगा। संघ की योजना के अनुसार लेखपाल सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक तहसील कार्यालयों के बाहर धरना देंगे।
संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र यादव ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि लेखपाल संवर्ग पिछले दस वर्षों से अपनी समस्याओं के समाधान के लिये संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि 14 सितंबर को ज्ञापन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए प्रदेशभर में 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्का कार्य का बहिष्कार जारी है।
मांगें और कार्यक्रम
संघ की मुख्य मांगों में प्रारंभिक वेतनमान लागू करना और 2800 ग्रेड पे देना शामिल है। इसके अलावा वेतन विसंगति दूर करने, आठ वर्षों से लंबित अंतर मंडलीय स्थानांतरण कराने, दो वर्षों से लंबित पदोन्नति सूची जारी करने और 16 वर्षों से भत्तों में बढ़ोतरी न होने का मुद्दा उठाया गया है।
संघ ने आगे का कार्यक्रम भी जारी किया है। उन्होंने कहा है कि 8 अक्तूबर को तहसील प्रशासन के व्हाट्सएप समूह से बाहर निकलकर आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, वरासत रिपोर्ट, फार्मर रजिस्ट्रेशन व सत्यापन समेत ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा।
- 3 अक्तूबर: समपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार, 10 बजे से 2 बजे धरना
- 8 अक्तूबर: ऑनलाइन प्रमाणपत्र व सत्यापन कार्यों का बहिष्कार
- 10 अक्तूबर: काली पट्टी बांधकर थाना दिवस में कार्य
- 12 अक्तूबर: तहसील व जिला मुख्यालयों पर रक्तदान शिविर
- 14 अक्तूबर: जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली और डीएम को ज्ञापन
- 17-23 अक्तूबर: तहसील मुख्यालयों पर संपूर्ण कार्य बहिष्कार व धरना
- 24 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन धरना जिला मुख्यालय पर
संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो वे अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। लेखपालों के इस आंदोलन का असर तहसील स्तर पर सामान्य नागरिकों को प्रमाणपत्र संबंधी सेवाओं में देरी के रूप में दिख सकता है।
स्थानीय लोगों से कहा गया है कि महत्वपूर्ण दस्तावेजों या प्रमाणपत्रों के लिए समय पहले से योजना बना लें और जरूरत होने पर तहसील कार्यालयों से संबंधित जानकारी लें।
स्रोत: अमर उजाला

