अम्बेडकरनगर। समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ आवाज तेज करने का ऐलान किया है। शुक्रवार को सपा कार्यालय अकबरपुर में हुई प्रेसवार्ता में पार्टी ने मताधिकार की सुरक्षा और मतदाता सूची की शुचिता को प्रमुख विषय बनाया।
प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद लालजी वर्मा ने कहा, “लोकतंत्र में मतदाता सरकार चुनते हैं, लेकिन भाजपा शासन में सरकार मतदाता चुन रही है।” उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मनमानी का आरोप लगाया और संविधान के अनुसार तीनों चुनाव आयुक्तों को समान अधिकार मिलने की बात उठाई। सांसद ने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और उन नामों को तुरंत बहाल करने की मांग की।
पखवाड़ा और मांगें
लालजी वर्मा ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर सपा आंदोलन करेगी और दो से आठ अक्तूबर तक “लोकतंत्र बचाओ पखवाड़ा” मनाया जाएगा। इस दौरान पार्टी और इंडिया गठबंधन से जुड़े नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर विरोध जताएंगे।
जिलाध्यक्ष जंगबहादुर यादव ने स्पष्ट किया कि पखवाड़े के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त को बर्खास्त करने की भी मांग उठाई जाएगी। प्रेसवार्ता में टांडा विधायक राम मूर्ति वर्मा, अकबरपुर विधायक राम अचल राजभर, आलापुर विधायक त्रिभुवन दत्त, पूर्व मंत्री शंखलाल मांझी और उपाध्यक्ष मुकेश सिंह समेत कई स्थानीय नेताओं की मौजूदगी रही।
पल-पल की राजनीति और आगामी चुनावों को मद्देनजर रखते हुए सपा का यह अभियान क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी के प्रवक्ताओं का कहना है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी सीधे लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित करती है और इसे लेकर जनता में बेचैनी है।
आगे की रणनीति
पखवाड़ा के दौरान सपा स्थानीय घटकों के साथ रैलियों, जनसभाओं और सांकेतिक धरनों का आयोजन करेगी। पार्टी मांग कर रही है कि हटाए गए मतदाताओं के नाम तत्काल बहाल किए जाएं और चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठने पर उसकी जवाबदेही तय की जाए। स्थानीय लोगों से कहा गया है कि वे कार्यक्रमों में शामिल होकर अपनी राय और समर्थन जाहिर करें।
स्रोत: अमर उजाला

