अमेठी। मुंशीगंज स्थित संजय गांधी हॉस्पिटल में रविवार को उपचार के दौरान 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका मडुवापुर(दरपीपुर) निवासी श्यामपता को शनिवार रात करीब 11 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मौत और परिजनों का आरोप
महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। मृतका के बेटे दीपक ने कहा कि समय पर जांच और उपचार नहीं मिलने से उनकी मां की जान बच सकती थी। परिजनों का कहना था कि यदि समय रहते उचित इलाज मिलता तो मौत नहीं होती।
अस्पताल की ओर से बताया गया कि श्यामपता का शुगर स्तर काफी बढ़ा हुआ था और हार्ट अटैक के कारण उनकी मौत हुई। चिकित्सक रात में ही कुछ जांच लिखने की बात कर रहे थे, लेकिन जिन जांचों की बात की गई वह रविवार दोपहर में कराई गईं।
हंगामा और पुलिस की कार्रवाई
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर हंगामा शांत कराया। क्षेत्राधिकारी अखिलेश वर्मा ने घटना की जानकारी दी और बताया कि मृतका के परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद परिवार ने शव अंतिम संस्कार के लिए घर ले जाने का निर्णय लिया।
अस्पताल के मैनेजर सुरेश सिंह राजपूत ने बताया कि मरीज को गंभीर हालत में लाया गया था। चिकित्सकों ने आवश्यक जांच कराने और आवश्यकता पड़ने पर मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर करने की सलाह दी थी, लेकिन परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल नहीं ले गए।
परिवार की स्थिति
मृतका के पति जोखू और परिजन घटना के बाद रो-रोकर बुरे हाल में हैं। जोखू ने बताया कि उनके दो बेटे दीपक और संदीप हैं तथा पांच बेटियां हैं। चार बेटियों की शादी हो चुकी है और सबसे छोटी बेटी रूबी अभी अविवाहित है।
अस्पताल में हुई मौत के बाद अब परिवार ने शव लेकर अंतिम संस्कार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और स्थानीय स्तर पर मामले पर शांति बनी हुई है।
स्रोत: अमर उजाला

