अमेठी। गौरीगंज तहसील के सकरावां गांव की नवीन परती और सुरक्षित जमीन पर अतिक्रमण के आरोपों से जुड़ीं दो जनहित याचिकाओं पर लखनऊ हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने संज्ञान लिया है। मामले की सुनवाई अभी जारी है और न्यायालय ने प्रशासन से तफ्तीश के निर्देश दिए हैं।
पीठ की अगुवाई न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया कर रहे हैं। अदालत ने डीएम शशांक चौधरी को दोनों मामलों में दो सप्ताह के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। सुनवाई के लिए एक याचिका को 5 अक्तूबर और दूसरी को 9 अक्तूबर को सूचीबद्ध करने का निर्देश भी दिया गया है।
याचिकाकर्ता और आरोप
सकरावां गांव के निवासी ज्वाला प्रसाद ने अतिक्रमण हटाने की मांग करते हुए पहले जिला स्तर पर अधिकारियों से शिकायत की थी। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल कीं।
याचिका में आरोप है कि गांव की गाटा संख्या 89 की नवीन परती जमीन पर हरिमंगल सिंह और उनके भाई संतोष सिंह ने मकान बनाकर कब्जा कर लिया है। याचिकाकर्ता ने सुरक्षित जमीन पर भी अतिक्रमण होने का उल्लेख किया है और बताया है कि पहले से हाईकोर्ट का आदेश होने के बावजूद जमीन खाली नहीं कराई गई।
न्यायालय ने जिला प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगा है कि पूर्व के आदेशों पर क्या कार्रवाई की गई और यदि नहीं हुई तो उसके कारण क्या रहे। डीएम का व्यक्तिगत हलफनामा इन सवालों के जवाब प्रस्तुत करेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले के तेज निपटारे से गांव की जमीन सुरक्षित रहेगी और आगे के विवाद रोके जा सकेंगे। अदालत में अगली सुनवाई में दोनों पक्षों से दस्तावेज और जवाब मांगे जाने की संभावना है।
रहने वाले सूचना के अनुसार जो भी पक्ष मामले में ज़रूरी दस्तावेज देना चाहता है वह तय तारीखों से पहले हाईकोर्ट में प्रस्तुत कर सकता है। अदालत ने प्रशासनिक जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
स्रोत: अमर उजाला

