कानपुर के कातिल कुत्ते : कच्चा मांस खाकर हमलावर हो रहे, मेयर ने मांगी मीट की वैध दुकानों की लिस्ट...

UPT | कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय।

May 31, 2024 17:26

कानपुर शहर में आवारा कुत्तों के आतंक को देखते हुए मेयर प्रमिला पांडेय ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चौक चौराहों पर खुले में बिकने वाली मीट, मछली की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मुख्य...

Kanpur News : कानपुर शहर में आवारा कुत्तों के आतंक को देखते हुए मेयर प्रमिला पांडेय ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चौक चौराहों पर खुले में बिकने वाली मीट, मछली की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मुख्य खाद्य अधिकारी को पत्र लिखा है। उनका मानना है कि खुले में बिकने वाली मछली व मीट के दुकानदार मांस के टुकड़े फेंक देते हैं, जिससे कुत्तों का झुंड जमा हो जाता है। कच्चे मांस खाने से वे हमलावर हो रहे हैं और शहर में कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रहीं हैं।

हर दिन हो रही डॉग बाइट की घटनाएं
कानपुर शहर का ऐसा कोई गली या मोहल्ला नहीं है, जहां आवारा कुत्ते न हों। शहर के सड़कों से लेकर गली मोहल्लों में इनका आतंक है। वे हर दिन हर किसी न किसी को काटते जरूर हैं। बीते रविवार को ही आवारा कुत्तों ने एक भाई बहन को अपना शिकार बना लिया था, जिसमें बहन की मौत हो गई थी और भाई घायल हो गया था। अब फिर गोविंदनगर के 5 ब्लॉक में तीन लोगों को कुत्तों ने बुरी तरह काटकर घायल कर दिया है।अब कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय ने इन घटनाओं को रोकने के लिए जगह जगह बिकने वाले मीट मछली की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मुख्य खाद्य अधिकारी को पत्र लिखा है।

मेयर ने मांगी वैध दुकानों की सूची
मेयर ने पत्र में जिक्र किया है कि कानपुर शहर के कई इलाकों में खुले में अवैध रूप से मीट मछली की दुकानें लग रहीं हैं। मुख्य खाद्य अधिकारी को इस बात की जांच करनी चाहिए कि शहर में कितनी वैध और अवैध दुकानें हैं, क्योंकि इससे काफी लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दुकानें अवैध पाई जाएं, उन्हें बंद कराया जाए। मेयर प्रमिला पांडेय का कहना है कि खुले में मीट मछली बेचने के दौरान दुकानदार बचे हुए मांस के टुकड़े खुले में डाल देते हैं, जिससे कुत्तो का झुंड बाजारों में लगा रहता है। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। आएदिन कुत्तों के काटने की घटनाएं हो रहीं हैं। उन्होंने कहा है कि जितनी भी वैध दुकानें हैं, उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए।

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