Lucknow News : मदरसे के बच्चों ने रक्तदान कर इंसानियत का दिया पैगाम, डॉक्टरों ने जताया आभार

UPT | रक्तदान करते मदरसे के छात्र

Jul 26, 2024 18:06

बलरामपुर चिकित्सालय के डायरेक्टर डॉ. पवन कुमार ने कहा कि आज पूरे देश में लोग जाति और धर्म के नाम पर कुछ भी करने को तैयार हैं। लेकिन, रक्तदान से पीछे रहते हैं, वहीं मदरसा नदवा तुल उलेमा के इन छात्रों ने जो रक्तदान किया है, वो किसी न किसी की जान बचाएगा और वो भी बिना जाति और धर्म देखे।

Lucknow News : विश्व प्रसिद्ध दारुल उलूम नदवा के छात्रों ने शुक्रवार को एक बार फिर इंसानियत का पैगाम दिया। मानवता का संदेश देने वाली संस्था ऑल इंडिया पयाम ए इंसानियत फोरम की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में कई मदरसों के छात्रों ने हिस्सा लिया और बलरामपुर अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। इस मौके पर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और जिम्मेदारों ने छात्रों की हौसला अफजाई के लिए उन्हें सम्मानित भी किया।

50 छात्रों ने अस्पताल पहुंचकर दान किया अपना रक्त 
बलरामपुर चिकित्सालय लखनऊ की ओपीडी में शुक्रवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान मदरसा नदवा तुल उलेमा के 50 छात्रों ने समाज और मानवता के लिए रक्तदान किया। इस रक्तदान शिविर में बलरामपुर चिकित्सालय के डायरेक्टर डॉ. पवन कुमार अरुण, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एन बी सिंह और संस्था के सदस्य मौजूद रहे। इस अवसर पर डायरेक्टर बलरामपुर चिकित्सालय डॉ. पवन कुमार ने संस्था का उनके इस काम के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि रक्तदान करना जितने पुण्य का काम है, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। इन छात्रों ने जो रक्तदान किया है उनका ये कार्य मानवता की मिसाल है। 

रक्तदान को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी
उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में लोग जाति और धर्म के नाम पर कुछ भी करने को तैयार हैं। लेकिन, रक्तदान से पीछे रहते हैं, वहीं मदरसा नदवा तुल उलेमा के इन छात्रों ने जो रक्तदान किया है, वो किसी न किसी की जान बचाएगा और वो भी बिना जाति और धर्म देखे। उन्होंने कहा कि मेरा आशीर्वाद है कि इन छात्रों का भविष्य उज्जवल हो और ये छात्र हमारे देश को और बुलंदी तक ले कर जाएं। बलरामपुर चिकित्सालय के डायरेक्टर ने कहा कि हमारे देश में हर साल न जाने कितने ही लोग सिर्फ समय पर खून न मिल पाने की वजह से अपनी जान गंवा बैठते हैं और ये ऐसी चीज है जिसे किसी फैक्टरी में बनाया नहीं जा सकता है। हमें सोचना चाहिए कि दुनिया के हर धर्म से बड़ा मानवता का धर्म है। पयाम ए इंसानियत संस्था के कोऑर्डिनेटर शफीक चौधरी ने सब के सहयोग की प्रशंसा की और तमाम लोगों का उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस दौरान डॉ. विनोद, डॉ. उस्मानी के साथ संस्था के सदस्य मौजूद रहे।

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