बलिया। नगर पालिका परिषद कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था नहीं कर पाई है। शनिवार को प्राइवेट स्थल पर डंपिंग रोक दिए जाने के बाद शहर की सड़कों और गलियों में करीब 50 टन कूड़ा फैल गया।
नगर की सफाई व्यवस्था ठप पड़ गई है और शाम तक अधिकारी हरकत में आने के बाद भी हर जगह से कूड़ा उठा नहीं पाया गया। शहर के अंदर 15 प्रमुख जगहों से लगभग 50 टन कूड़ा उठाना था, लेकिन केवल सात-आठ जगहों से ही उठान हो सका।
डंपिंग स्थल बंद होने का कारण
नगर पालिका परिषद द्वारा बसंतपुर में बनाए गए कूड़ा निस्तारण केंद्र का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने से जनवरी से वहां कूड़ा डंपिंग बंद है। तब से कूड़ा इधर-उधर निस्तारित किया जा रहा था।
एक माह से शहर से लगभग आठ किमी दूर एक प्राइवेट स्थल पर कूड़ा डाला जा रहा था जिसे स्थानीय लोगों ने शनिवार को रोक दिया। इसी के कारण शहर का कूड़ा उठान प्रभावित हुआ और सड़कों पर जमा कचरा बढ़ गया।
स्वच्छता अभियान के नाम पर प्रशासन की तरफ से अलग-अलग आयोजन कराए जा रहे हैं, परन्तु नौ माह बाद भी कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था नहीं बन पाई है। देर शाम से कूड़ा हटाने का काम शुरू हुआ, फिर भी कई जगहों से उठान लंबित है।
“कूड़ा डंपिंग स्थल के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। बसंतपुर में नपा की भूमि में पानी भरे होने के कारण उसकी नापी नहीं हो सकी है। कूड़ा डंपिंग स्थल का निर्धारण बहुत जल्द किया जाएगा। इसके लिए बोर्ड की बैठक में भी योजना पास की गई है।” -आशाराम वर्गा, सिटी मजिस्ट्रेट व प्रभारी ईओ नगर पालिका परिषद, बलिया
आगे की कार्रवाई
नगर पालिका ने बोर्ड की बैठक में कूड़ा डंपिंग स्थल तय करने की योजना पास कर ली है। अधिकारियों ने नापी और भूमि खोज को प्राथमिकता दी है। अभी जब तक स्थायी स्थल नहीं मिल जाता, अस्थायी उठान और सफाई अभियान जारी रहेगा।
स्रोत: अमर उजाला

