बलिया। बेल्थरारोड तहसील के देवलवीर गांव में राशन वितरण को लेकर शिकायत मिलने पर अधिकारियों की टीम ने जांच की। शिकायतकर्ता ने बताया कि सितंबर के लिए अंगूठा लगवाने के लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी राशन नहीं मिला।
पकड़ी गई टीम में नायब तहसीलदार के साथ आपूर्ति निरीक्षक विजय राठौर, कानूनगो और लेखपाल शामिल थे। टीम ने करीब तीन घंटे तक दलित बस्ती और मुख्य बस्ती के दर्जनों ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। शिकायत में यह भी कहा गया कि राशन मांगने पर कथित रूप से धमकी दी गई।
जांच के दौरान दर्ज किए बयान
गांव के कई ग्रामीणों ने अलग-अलग समय पर अपने अनुभव टीम को बताये। शिकायतकर्ता नीरज सिंह ने आरोप लगाया कि उसके परिवार का अंगूठा पहले ही सितंबर के राशन के लिए लगा लिया गया था, पर वितरण नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि राशन मांगे तो राशन डीलर ने धमकी दी।
जांच टीम ने पहली पड़ताल में उन लोगों के बीते महीनों के रिकॉर्ड और वितरण की सूची भी देखी। हाउसहोल्ड और राशन कार्ड से संबंधित दस्तावेजों की मिलान की गई ताकि पता चले कि किस परिवार को रिफ्ट्रीब्यूशन कब होना था।
आपूर्ति निरीक्षक विजय राठौर ने इस मामले पर स्पष्ट कहा, “जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।” इससे स्पष्ट होता है कि मामला आगे उच्च स्तर पर भेजा जायेगा और आवश्यक कार्रवाई पर फैसला होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे फिर से अधिकारियों से शिकायत करेंगे। स्थानीय लोगों को राशन पर निर्भर रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित हो रही हैं और वे इंतजार कर रहे हैं कि अधिकारी जल्द कोई ठोस कदम उठायें।
आगे की प्रक्रिया
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उच्चाधिकारी आगे की कार्रवाई तय करेंगे। प्रभावित परिवारों को अनुदान या बैकलॉग राशन के लिए क्या प्रक्रिया अपनानी होगी, यह रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि नियमों के अनुसार मामले की निष्पक्ष जांच कराई जायेगी।
स्रोत: अमर उजाला

