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बरेली: बारिश व तेज हवा से 1.58 लाख हेक्टेयर धान प्रभावित, सर्वे सोमवार

किसानों के करीब 5.44 लाख परिवार प्रभावित हो सकते हैं; जिले में लगभग 1.25 लाख हेक्टेयर गन्ने पर भी नुकसान की आशंका जताई गई।

बरेली: बारिश व तेज हवा से 1.58 लाख हेक्टेयर धान प्रभावित, सर्वे सोमवार
फोटो: अमर उजाला

बरेली। जिले में तीन दिन से जारी बारिश और तेज हवा के चलते कटाई के करीब पहुंच चुकी धान की फसल कई इलाकों में खेतों में बिछ गई है। कृषि विभाग ने फसल नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं और सोमवार से सर्वे शुरू होगा।

बारिश और तेज हवा से धान के साथ गन्ने को भी नुकसान होने की सूचनाएं आई हैं। खेतों में जलभराव के कारण उड़द, मूंग, तिल और सब्जियों में सड़न व फंगस का खतरा बढ़ गया है, जिससे अगली फसलों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

फसलों का आकार और प्रभावित क्षेत्र

इस साल जिले में धान के लिए लक्ष्य 1,58,592 हेक्टेयर रखा गया था, जबकि बुवाई 1,58,627.44 हेक्टेयर में हुई। बुवाई में शामिल विभिन्न श्रेणियाँ इस प्रकार हैं:

  • सुगंधित धान: 53,010.60 हेक्टेयर
  • सामान्य धान: 58,005.80 हेक्टेयर
  • अन्य श्रेणी: 47,611.04 हेक्टेयर

जिले में करीब 1.25 लाख हेक्टेयर में खड़ी गन्ने की फसल भी तेज हवा से प्रभावित होने की आशंका है। कई स्थानों से गन्ना गिरने की सूचनाएं मिली हैं, जिससे कटाई और उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

बरेली जिले में कुल 5.44 लाख से अधिक किसान हैं और धान-गन्ना प्रमुख फसलें हैं। फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचने से किसानों की आय पर प्रतिकूल असर देखने को मिल सकता है।

आगे की कार्रवाई

कृषि विभाग ने विकासखंड स्तर पर विशेष टीमें गठित की हैं जो सोमवार से गांवों में जाकर फसलों की स्थिति का आकलन करेंगी। सर्वे के आधार पर नुकसान की राशि का अनुमान और राहत संबंधी निर्णय लिए जाएंगे।

किसान अपने क्षेत्रीय कृषि कार्यालय या स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर सकेंगे और सर्वे में अपनी फसल की स्थिति की जानकारी दें। विभाग ने पहले से खेतों में जल निकासी व बचाव के उपाय अपनाने की सलाह भी दी है।

स्रोत: अमर उजाला

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Alok Kumar

Alok Kumar

कई वर्षों से समाचार, योजना, रोजगार इत्यादि मामलों से जुड़े कार्यों में संलग्न।