बरेली। शुक्रवार को स्थानीय सपा नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और उन्हें हटाकर मुकदमा दायर कर जेल भेजने की मांग की। नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं और इससे चुनाव निष्पक्ष नहीं रहेंगे।
पूर्व मंत्री अताउर रहमान ने आरोप लगाया कि “लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ” के नारे के साथ एसआईआर के बाद अब एसएसआर के नाम पर फिर से मतदाता सूची में बदलाव की तैयारी हो रही है। उन्होंने बताया कि पार्टी 2 से 8 अक्तूबर तक इसी नारे के तहत आंदोलन चलाएगी।
कार्यक्रम और तारीखें
सपा ने आंदोलन और प्रदर्शन की रूपरेखा भी तय कर ली है। पार्टी ने कहा कि 8 अक्तूबर को सुबह 11 बजे सपा कार्यालय से “वोट बचाओ, देश बचाओ” मार्च निकाला जाएगा। मार्च डॉ. आंबेडकर पार्क होते हुए गांधी पार्क पहुंचकर समाप्त होगा।
- 2-8 अक्तूबर: ‘लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ’ अभियान
- 8 अक्तूबर, 11 बजे: सपा कार्यालय से मार्च
भोजीपुरा विधायक शहजिल इस्लाम ने दावा किया कि भोजीपुरा में जीवित व्यक्ति अतीक अहमद अंसारी को एसआईआर में मृत घोषित कर उनके वोट काट दिए गए थे। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद प्रशासन ने वोट फिर से बनवाया। शहजिल ने इसे मतदाता सूची की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल बताया।
पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन ने कहा कि अगर चुनाव निष्पक्ष हुए तो भाजपा का कोई आधार नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, मुख्य चुनाव आयुक्त हटाए जाएं ताकि निष्पक्षता बनी रहे। मार्च में पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, विधायक शहजील इस्लाम, पूर्व विधायक सुल्तान बेग, पूर्व मेयर डॉ आईएस तोमर समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहेंगे और कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से भी शामिल होने की अपील की गई है।
आगे की कार्रवाई
सपा नेताओं ने नागरिकों से मार्च में शामिल होने की अपील की है और कहा है कि वे लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरेंगे। प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
स्रोत: अमर उजाला

