बरेली। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक एमएलसी पद के लिए मतदान 23 अक्तूबर को होगा और इस बार मतदाता संख्या पहले से काफी बढ़ी है। 2020 में इस सीट पर कुल 36,705 मतदाता थे जो अब बढ़कर 46,573 हो गए हैं।
कुल मतदाताओं में 9,868 की बढ़ोतरी हुई है। मतदान रेंज में बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा व संभल शामिल हैं।
जिला वार मतदाता संख्या
- बरेली – 2020: 6,230 → 2026: 6,772
- बदायूं – 2020: 3,275 → 2026: 3,893
- पीलीभीत – 2020: 1,967 → 2026: 3,500
- शाहजहांपुर – 2020: 3,846 → 2026: 4,607
- रामपुर – 2020: 2,742 → 2026: 3,093
- मुरादाबाद – 2020: 5,475 → 2026: 7,504
- बिजनौर – 2020: 6,354 → 2026: 8,077
- अमरोहा – 2020: 3,779 → 2026: 5,669
- संभल – 2020: 2,987 → 2026: 3,508
पिछले दशकों में यह सीट राजनीतिक और गुटीय दांव‑पेंच की पहचान रही है। 1972 से 2008 तक माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के प्रत्याशी लगातार जीतते रहे। 1972 में रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, 1978 में रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, 1984 व 1990 में केशव कुमार शर्मा, 1995 व 1996 में रामबाबू शास्त्री, 2002 व 2008 में सुभाष चंद्र शर्मा एमएलसी चुने गए।
2014 में शाहजहांपुर निवासी वित्तविहीन शिक्षक संजय मिश्रा सपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में आए और शर्मा गुट से सीट झटक ली थी। 2020 में अमरोहा निवासी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी।
इस बार भाजपा ने एक बार फिर ढिल्लो पर दांव लगाया है। सपा ने संजय मिश्रा को तीसरी बार मौका नहीं दिया तो वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। शर्मा गुट ने मुरादाबाद स्थित हिंदू कॉलेज के सुनीत को और चंदेल गुट ने विमलेंद्र शर्मा को प्रत्याशी बनाया है।
गुट और वित्तविहीन शिक्षकों का असर
मतदाता बढ़ने का बड़ा कारण वित्तविहीन शिक्षकों को 2014 के आस‑पास मतदान का अधिकार मिलना बताया जाता है। वित्तविहीन शिक्षकों का झुकाव सत्तारूढ़ दलों की ओर रहा है, जिससे चुनावी समीकरण बदल गए हैं।
“सभी नौ जिलों में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट का संगठन आज भी सबसे मजबूत है। वित्तविहीन शिक्षकों का झुकाव राजनीतिक दलों की ओर होने के कारण गुट को नुकसान हुआ है।” – नवनीत कुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट
“वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षकों का झुकाव सत्ता पक्ष की ओर होता है, लेकिन उनके लिए कोई काम नहीं करता। वित्तविहीन शिक्षक भी अगर हमारे साथ आएं तो उनकी समस्याओं का निस्तारण प्रभावी ढंग से होगा।” – श्याम नारायण शर्मा, जिलाध्यक्ष, माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट
अगले हफ्ते मतदान से पहले प्रत्याशी और गुट अपने-अपने अभियान तेज करेंगे। शिक्षक मतदाता इस बार बढ़े हुए दायरे के साथ चुनावी फैसला देंगे।
स्रोत: अमर उजाला

