बरेली। फरीदपुर और आंवला में आज लेखपाल संघ ने प्रदेश संगठन के आह्वान पर संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। लेखपालों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर दोनों स्थानों पर विरोध जताया और तहसील परिसरों में प्रदर्शन किया।
लेखपालों के बहिष्कार के कारण राजस्व विभाग से जुड़े मामलों के तत्काल निस्तारण और पैमाइश जैसे कार्यों में अधिकारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फरीदपुर तहसील परिसर में मौजूद लेखपालों ने एडीएम न्यायिक को ज्ञापन सौंपा, जबकि आंवला में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुशील मिश्रा को दिया गया।
प्रदर्शन और नेताओं की मौजूदगी
आंवला कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के तहसील मंत्री पंकज सक्सेना, पश्चिम जोन के उपाध्यक्ष प्रवेंद्र सिंह और जिलाध्यक्ष भूषित सक्सेना सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने क्षेत्रीय समस्याओं व लंबित मांगों का उल्लेख करते हुए तत्काल समाधान की माँग रखी।
फरीदपुर में प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने तहसील परिसर में नारे लगाकर अपनी मांगों के समाधान का समयबद्ध ढांचा माँगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि समस्याओं का निपटारा नहीं हुआ तो संघ और उग्र कदम उठा सकता है।
मीरगंज उपशाखा ने भी दिख़ाई तेज रुख अपनाया है। मीरगंज में संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा और चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो 17 अक्तूबर से चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में लेखपाल संघ अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह, तहसील मंत्री गिरंद सिंह और दीपक कुमार आदि शामिल थे।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने अभी तक प्रदर्शन के बाद की योजना पर कोई बयान जारी नहीं किया है। स्थानीय लोगों और विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राजस्व कार्यों में देरी से सामान्य जनता को परेशानी हो सकती है, इसलिए जल्द बातचीत कर मामला सुलझाना जरूरी है। लेखपालों का कहना है कि उनकी माँगें मान्य होने तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।
स्रोत: अमर उजाला

