बरेली। शनिवार को बहेड़ी, आंवला, नवाबगंज, फरीदपुर और मीरगंज तहसील परिसरों में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में लोगों की कई पुरानी शिकायतें अनसुलझी रहीं। अधिकारियों ने मौके पर निस्तारण का आश्वासन दिया, पर कई मांगों पर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं दिखा।
पांचों तहसीलों में कुल 337 शिकायतें आईं, जिनमें से केवल 38 का ही निस्तारण कराया गया। शेष शिकायतों के निस्तापन के लिए अधीनस्थों को निर्देश दिए गए लेकिन कई शिकायतकर्ता मायूस होकर लौट गए। मीरगंज तहसील सभागार में किसी कारणवश सीडीओ नहीं पहुंच सकीं। एसडीएम निधि शुक्ला और सीओ अजय कुमार ने वहां 38 शिकायतें सुनीं और दो का मौके पर निपटारा किया।
सड़क निर्माण और लोक शिकायतें
बिशारतगंज के अतरछेड़ी – इफको मार्ग से नैनपुर गांव होकर बनखंडी मंदिर होते हुए हरूनगला तक प्रस्तावित सड़क न बनने से लगभग 15 हजार की आबादी प्रभावित है। करपिया ब्रह्मनान निवासी ठाकुर मोहन सिंह व जय गोविंद ने बताया कि 21 मार्च 25 को पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड वन की ओर से सड़क निर्माण का टेंडर जारी हुआ था, लेकिन डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ।
बहेड़ी में एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह ने 29 शिकायतों में से 9 का मौके पर निस्तारण कराया। आदर्श कॉलोनी, सिंह गौटिया, केशव पुरम व जाजूनगर के लोगों ने नदेली रोड पर केसर रेलवे क्रॉसिंग से सीसी रोड चौड़ीकरण और नाला निर्माण की धीमी गति की शिकायत की। एडीएम ने पीडब्ल्यूडी को काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। लोगों ने अवैध ई-रिक्शा स्टैंड, जाम, अतिक्रमण और गन्ना भुगतान का मुद्दा भी उठाया।
हाईटेंशन लाइन और स्थानीय भावनाएं
मीरगंज के धंतिया गांव में घरों के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन को लेकर ग्रामीण भयंकर चिंतित हैं। भूपेंद्र सिंह, सुरेश चंद्र और वीरेश ने कहा कि 28 सितंबर की शाम एचटी लाइन की चपेट में आकर कुछ लोग झुलस गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन माह में प्रदीप, पूनम, भागीरथ और रामनिवास की पत्नी की भी हाईटेंशन लाइन से हुई घटनाओं में मौत हुई है।
नवाबगंज में एसडीएम सचिन यादव ने 37 में से तीन शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया, लेकिन बाकियों की सुनवाई न होने से 34 शिकायतकर्ता मायूस लौटे। फरीदपुर में अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिव्या ओझा ने 63 शिकायतों में से सात का निस्तारण कराया और शेष के लिए निर्देश दिए।
आंवला में डीएम ने 170 में से 17 शिकायतों का निस्तारण कराया और अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में मझगवां ब्लॉक की गर्भवती महिलाओं की गोदभराई व बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया और बेहतर काम करने वाली आंगनबाड़ी कामगारों व आशाओं को प्रशस्ति पत्र दिए गए।
स्रोत: अमर उजाला

