ज्ञानपुर। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश थमने के बाद रविवार को कृषि विभाग की टीम ने जिले के कई गांवों में जाकर फसलों का निरीक्षण किया। उप निदेशक कृषि डाॅ. रामप्रवेश और जिला कृषि अधिकारी ईरम मिर्जा निरीक्षण के दौरान साथ थे।
अधिकारियों ने चौथार, जगापुर और नहरों के किनारे बसे अन्य गांवों का दौरा कर खेतों में लगी फसलों को देखा। उन्होंने प्राथमिक जांच के बाद कहा कि अभी तक फसलों को कोई खास नुकसान नजर नहीं आया।
फसल बीमा व शिकायत प्रक्रिया
आधिकारिक जानकारी में कहा गया कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पंजीकरण कराया है, वे प्रभावित होने पर मुआवजा पाने के पात्र होंगे। फसल को प्राकृतिक आपदा, वज्रपात, रोग या कीट से नष्ट होने की स्थिति में बीमा के तहत भरपाई की जाएगी।
किसानों को कहा गया है कि यदि फसल को क्षति पहुँचती है तो वे तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत के लिए विभाग ने हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर उपलब्ध कराए हैं।
- टोल‑फ्री नंबर: 1447
- व्हाट्सएप नंबर: 7065514447
कृषि अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजना के फायदे समझाए और कहा कि वे पंजीकरण की स्थिति भी जांच लें। टीम ने खेतों की तस्वीरें व नुकसान का आकलन करना शुरू कर दिया है ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके।
स्थानीय किसानों ने भी अधिकारियों को अपनी फसलों के बारे में जानकारी दी और कहा कि वे आवश्यक होने पर बीमा दावों के लिए दस्तावेज तैयार रखेंगे। विभाग ने आगे आकलन के आधार पर मुआवजे और सहायता की प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन दिया है।
स्रोत: अमर उजाला

